कानपुर में इलेक्ट्राल पीने से 4 साल के मासूम की मौत हो गई. जबकि मां और दूसरे बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना पर पुलिस पहुंची और इलेक्ट्राल के पैकेट को जांच के लिए भेज दिया है. घटना काकादेव थानाक्षेत्र के मतैयापुरवा की है.
मतैयापुरवा के रहने वाले आशु राजपूत, जो दोना-पत्तल की फैक्ट्री चलाते हैं. उन्होंने बताया- शनिवार सुबह उनकी पत्नी मोहनी की तबीयत खराब थी और लगातार उल्टियां हो रही थीं. इसके बाद वे बाहर से दवा और इलेक्ट्रॉल लेकर आए.
आशु के अनुसार, सबसे पहले उन्होंने स्वयं पत्नी को इलेक्ट्रॉल घोलकर पीया और फिर ऑफिस चले गए. इसके बाद पत्नी मोहनी ने भी इलेक्ट्रॉल पिया. फिर उसी इलेक्ट्रॉल घोल को उन्होंने अपने 4 साल बेटे कृष्णा राजपूत को दिया. इसके साथ ही छोटे भाई के बेटे गगन को भी वही घोल पिलाया गया.

इकलौते बेटे की मौत के बाद पिता का बुरा हाल. कुछ देर बाद आने लगे चक्कर कुछ देर बाद आंसू को छोड़ कर तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. सभी को तेज उल्टियां होने लगीं और उनकी हालत लगातार खराब होने लगी. पत्नी मोहिनी ने घटना की जानकारी तुरंत आंसू को दी तो वह घर पहुंचा और तुरंत सभी को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 4 वर्षीय कृष्णा को बचाया नहीं जा सका. उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया. दो लोगों का अभी भी चल रहा इलाज वहीं, पत्नी मोहनी और भतीजा गगन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.
सूचना मिलने पर काकादेव पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस ने घटनास्थल से इलेक्ट्रॉल का सैंपल कब्जे में लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिया है, ताकि यह पता चल सके कि इसमें कोई मिलावट या जहरीला तत्व तो नहीं था.

परिवार में मातम, इलाके में दहशत घटना के बाद से राजपूत परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मोहनी और गगन के बचने को लेकर परिजन लगातार दुआएं कर रहे हैं। वहीं, इलाके के लोगों में भी दहशत है, क्योंकि इलेक्ट्रॉल जैसी सामान्य चीज से इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया, यह सवाल अब भी खड़ा है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लैब रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
















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