योगीजी मुझे इंसाफ दिलाना, लिखकर काटी हाथ की नस, फिर फंदा लगाकर दी जान; नोट में लिखा- जय योगी बाबा की

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कानपुर में बिजनेस पार्टनर की धोखाधड़ी से परेशान होकर युवक ने फांसी लगा ली. दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर मफलर से फंदा लगाया. सुसाइड करने से पहले उसने 7 बार अपने हाथ की नस काटी थी. हैलट अस्पताल में स्टाफ नर्स पत्नी जब घर पहुंची तो सेकेंड फ्लोर पर पति का शव लटकता देख चीख पड़ी.

.फर्श पर खून की छीटें बिखरी थीं. पास में चाकू और सुसाइड नोट पड़ा था. घटना सोमवार रात की है। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी बिजनेस पार्टनर के घर रात में ही दबिश दी. हालांकि, वो घर पर नहीं मिला.

लिखा- योगीजी मेरे मरने के बाद परिवार को परेशान न किया जाए: सुसाइड नोट में युवक ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रशंसक बताते हुए लिखा- योगीजी बेहद न्याय प्रिय व्यक्ति हैं. मेरे परिवार को परेशान न किया जाए बच्चों का ख्याल रखा जाए. मैंने जीवन में कोई ऐसा काम नहीं किया जो गलत हो. मैंने पूरे जीवन में ईमानदारी से काम किया, जिस पर मेरा यह हश्र हुआ. मेरी मौत का जिम्मेदार दिव्येंद्र सचान है.

ओमेंद्र सिंह 6 साल से सोलर पैनल रूफ फिटिंग का व्यापार करते थे. (फाइल फोटो)

मेरा सोलर का काम करना, दिव्येंद्र के साथ जुड़ना, मेरी सबसे बड़ी गलती है. योगीजी मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को कतई परेशान न किया जाए. आप बेहद न्यायप्रिय हैं. मैं आपका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं. मुझे आप पर पूरा भरोसा है. मेरे परिवार को न्याय दिलाएं.

बर्रा थानाक्षेत्र के विश्व बैंक बर्रा में सोलर पैनल का व्यापार करने वाले ओमेंद्र सिंह (46) ने सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर हाथ की नस काटी. इसके बाद फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. जब काफी देर तक वह प्रथम तल पर नहीं पहुंचे, तो परिजन देखने गए.

दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़ा, तो परिजनों में चीखपुकार मच गई. पुलिस ने सुसाइड नोट और मोबाइल कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम भेज दिया. नोएडा में जॉब करने वाले उदय सिंह ने बताया कि छोटे भाई ओमेंद्र की पत्नी अंजना सचान हैलेट में स्टाफ नर्स हैं.

बचा तो फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली: उनके दो बेटे मार्तण्ड और मांडव हैं. उन्होंने बताया कि रोज की तरह ओमेंद्र सोमवार रात नौ बजे काम से घर लौटा था. परिवार के लोग प्रथम तल पर थे, वहीं ओमेंद्र दूसरे तल पर बने कमरे में चला गया. इसके बाद उसने पहले हाथ की नस काटी. वह उससे बचा तो फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली.

मेरी मौत का जिम्मेदार….जय योगी बाबा की: पुलिस को जांच पड़ताल में कमरे से दो पन्ने का सुसाइड नोट मिला. इसमें लिखा था कि दिव्येंद्र सचान उनके साथ बिजनेस करता है. चार पांच साल से वह उनके साथ धोखाधड़ी कर रहा था. इस कारण बहुत आहत हूं. इसी कारण वह यह कदम उठाने जा रहे हैं. उनकी मौत का जिम्मेदार दिव्येंद्र है.

तहरीर मिलने पर दर्ज की जाएगी प्राथमिकी: वहीं, दूसरे पन्ने पर लिखा कि मेरे घर परिवार के लोगों का इसमें कोई हाथ नहीं है… उनको कतई परेशान ना किया जाए…. जय योगी बाबा की। बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

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