अनिल कुमार मीणा, अलीगढ़।
“अलीगढ़ का बेटा बादल बाबू मुस्लिम युवती सना के प्यार में फंसकर पाकिस्तान चला गया था. अब वह भारत लौटकर आएगा. पाकिस्तान में उसकी सजा पूरी हो गई है. उसे 26 दिसंबर को जेल से रिहा कर डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. उसके भारत लौटने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.
“मैंने उम्मीद ही खो दी थी कि बेटा कभी लौटकर नहीं आएगा. बेटे के देश लौटने की सूचना मुझे मेरे वकील ने शुक्रवार को दी. मेरी भारत सरकार से अपील की है कि पाकिस्तान सरकार से बात करे, ताकि बेटा जल्द से जल्द भारत लौट सके. पूरा परिवार उसकी राह देख रहा. बेटे को देखे हुए काफी दिन हो गए। वह जब लौटेगा तो उसे गले लगाएंगे, जी-भरकर देखेंगे और खूब प्यार करेंगे.”

ये कहना है अलीगढ़ के रहने वाले कृपाल सिंह का. उनके बेटे बादल बाबू को फेसबुक से पाकिस्तान की सना रानी से प्यार हुआ। फिर वह बिना वीजा के पाकिस्तान चला गया. 27 दिसंबर 2024 को उसे पाकिस्तान की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
कोर्ट में ट्रायल के बाद बादल को 13 मई 2025 को एक साल की सजा सुनाई गई, लेकिन बादल 4 महीने 10 दिन की सजा पहले ही काट चुका था, इसलिए उसकी रिहाई की डेट 26 दिसंबर तय की गई थी. इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया.
बादल के पिता कृपाल और मां गायत्री देवी ने भारत सरकार से बेटे के देश वापसी की गुहार लगाई है.
फेसबुक से प्यार, बिना वीजा के पहुंचा पाकिस्तान: बादल अलीगढ़ के बरला क्षेत्र के गांव खिटकारी का रहने वाला है. वह दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था. एक साल पहले फेसबुक पर पाकिस्तानी सना से उसकी दोस्ती हो गई. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई और दोनों में नंबर एक्सचेंज हुए. फिर बातचीत प्यार में बदल गई.
पिता कृपाल सिंह ने बताया- बादल ने हम लोगों को बिना बताए सितंबर 2024 में बिना पासपोर्ट और वीजा के अवैध रूप से पाकिस्तान चला गया. पाक के पंजाब प्रांत (लाहौर से लगभग 240 किलोमीटर दूर) के मंडी बहाउद्दीन में 21 साल सना रानी के माउंग गांव पहुंचा. वहां उसकी सना से मुलाकात हुई.

इसके बाद पत्नी को गायत्री देवी वीडियो कॉल किया. कहा-जिसके लिए घर से निकला था, वो मकसद पूरा हुआ. वह दो दिन तक सना के घर रहा, लेकिन बाद में सना और उसकी मां ने उसे भारत लौट जाने के लिए कहकर घर से बाहर कर दिया.
इसके बाद बादल मंडी बहाउद्दीन में हाजी असगर अली के यहां पशुओं की देखरेख करने लगा. उसकी बोलचाल और भाषा से स्थानीय लोगों को उस पर शक हुआ. उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. वहां के सदर थाने की पुलिस ने 27 दिसंबर 2024 को उसे गिरफ्तार कर लिया.
सना के लिए धर्म बदला, फिर भी उसने नहीं अपनाया: बादल के खिलाफ पाकिस्तान विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 13 और 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. भारतीय एजेंट होने के शक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की. इस दौरान बादल बाबू ने बताया कि उसने सना से निकाह करने के लिए कबूल कर लिया था, लेकिन सना ने उसे अपनाने से साफ इनकार कर दिया.
पिता ने बताया- मुझे जब बेटे के जेल में बंद होने का पता चला, तो इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान के वकील फियाज रामे से संपर्क किया. उनसे केस लड़ने के लिए अपील की. वे तैयार हो गए। 28 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान बादल ने वकील को एक कागज का टुकड़ा दिया. कहा-इसको मंडी बहाउद्दीन में सना के घर पहुंचा दीजिएगा.
13 मई को हुई थी बादल को सजा 13 मई को बादल की दलीलें सुनने के बाद पाकिस्तान अदालत ने उसे एक साल कैद की सजा सुनाई. उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. तब से वह जेल में बंद था.
















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