बिहार के छपरा शहर में शुक्रवार देर रात एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी वाराणसी के एक PCS अधिकारी के परिवार के लिए काल बन गई. दम घुटने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग महिला शामिल हैं, जबकि अन्य सदस्य जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.
यह दर्दनाक घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका कॉलोनी, भारत मिलाप चौक के पास हुई. जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश पीसीएस में कार्यरत विजय सिंह की पत्नी अपने बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने बिहार के छपरा आई थीं. ठंड अधिक होने के कारण परिवार के सदस्य रात में एक ही कमरे में सोए थे. कमरे में गर्मी बनाए रखने के लिए अंगीठी या वोरसी जलाई गई, जो देर रात तक जलती रही.

कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से दम घुटने से मौत: बताया जा रहा है कि बंद कमरे में अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई, जिससे ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घट गया. सभी लोग गहरी नींद में थे और किसी को भी खतरे का अंदाजा नहीं हुआ. सुबह के वक्त एक सदस्य को बेचैनी महसूस हुई और उसने किसी तरह दरवाजा खोलकर बाहर निकलने की कोशिश की. जब बाकी लोगों को जगाने का प्रयास किया गया, तो चार लोग बेसुध पड़े मिले.
4 की मौत, 3 की हालत गंभीर: आनन-फानन में सभी को छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 3 वर्षीय तेजस, 4 वर्षीय अध्याय, 7 माह की गुड़िया और 70 वर्षीय कमलावती देवी को मृत घोषित कर दिया. वहीं अमित कुमार, अमीषा और अंजलि की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे अधिकारी: घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. एसएसपी डॉ. कुमार आशीष, एएसपी राम पुकार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सदर अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने मौके की जांच शुरू कर दी है और एसएफएल टीम को भी बुलाया गया है.
प्रशासन की अपील: इस हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में बंद कमरों में अंगीठी, वोरसी या कोयले का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.
















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