बेटा लश्कर का खूंखार कमांडर, जम्मू-कश्मीर में घर पर माता-पिता ने फहराया तिरंगा

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पूरा देश आज आजादी के 80 वर्ष पूरे होने की खुशी मना रहा है. कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोग तिरंगा फहराकर इसकी खुशी मना रहे हैं. इसी बीच कश्मीर के शोपियां में लश्कर कमांडर आबिद रमजान शेख के माता-पिता ने भी अपने घर पर तिरंगा फहराया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आबिद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से आतंक की घटनाओं को अंजाम देता है. वह घाटी में हुई कई घटनाओं में शामिल रहा है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आबिद कई आतंकी घटनाओं में शामिल था. इसलिए उसका नाम देश की मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल है. इसके अलावा आबिद लगातार लश्कर के मकसद को आगे बढ़ाते हुए घाटी में मौजूद दूसरे राज्यों के लोगों को निशाना बनाने का काम करता है. इस माहौल में शेख के पारिवारिक घर पर झंडा फहराने की घटना ने सबका ध्यान खींचा, जिसमें उसके माता-पिता दोनों ही इस समारोह में शामिल होते दिखे.

आतंकी बुरहान वानी के पिता ने भी फहराया था तिरंगा: यह पहली बार नहीं है जब एक आतंकी के घर पर तिरंगा फहरा हो. इससे पहले सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के पिता ने भी 2021 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने घर में तिरंगा फहराया था. आतंकी बुरहान वानी को आतंकियों ने पोस्टर बॉय बनाकर रखा था। लेकिन उसके सरकारी कर्मचारी पिता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और एक कार्यक्रम में शामिल भी हुए.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने फहराया तिरंगा, POK की बात: इस बीच पूरे जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस का समारोह पूरे उल्लास के साथ मनाया गया. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और अन्य संवैधानिक गारंटी बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें अगस्त 2019 में वापस ले लिया गया था. इसके अलावा मुख्यमंत्री उमर ने पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों पर हो रहे अत्याचार पर भी ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि आज सीमा पार के हालात देखते हैं, तो लगता है कि हमारे पूर्वजों ने जो फैसला लिया था, वह सही लिया था. उन्होंने भारत के साथ रहने का फैसला लिया था.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को एक ऐसा समावेशी समाज बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए जो जनहित को प्राथमिकता दे और वंचितों के प्रति सहानुभूति रखे.

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