ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा ने बाहर निकाला, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिया था बयान

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किन्नर अखाड़े से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अभिनेत्री से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी उर्फ यमाई ममता गिरि को किन्नर अखाड़े से बाहर कर दिया गया है. यह कार्रवाई उनके द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद की गई है. इस फैसले की जानकारी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दी.

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यमाई ममता गिरि का किन्नर अखाड़े से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि अखाड़ा किसी भी प्रकार का विवाद नहीं चाहता और अनुशासन तथा मर्यादा का पालन करना सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य है. ममता कुलकर्णी के हालिया बयान से धार्मिक और सामाजिक स्तर पर विवाद उत्पन्न हुआ, जो अखाड़े की परंपराओं और मूल्यों के खिलाफ है.

महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने 27 जनवरी को अपना एक वीडियो जारी किया.

दरअसल,माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या के दिन पालकी में संगम जाने से रोकने का विरोध कर रहे हैं. इसे लेकर तमाम लोग पक्ष-विपक्ष में बयान दे रहे हैं. इसी मामले में पिछले दिनों किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर यमाई ममतानंद गिरि उर्फ ममता कुलकर्णी का एक बयान आया था, जिसमें उन्होंने शंकराचार्य पर विवादित बयान दिया था. इसके बाद मंगलवार को किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का एक वीडियो जारी हुआ जिसमें उन्होंने कहा है कि इस विवाद में वो पड़ना नहीं चाहती हैं.

श्री विद्या में वो स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से दीक्षित हैं और संन्यास परंपरा के गुरु अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि हैं। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती में कुछ विवाद चल रहा है. उनके बीच कुछ मामला कोर्ट में चल रहा है. इस बारे में उन्हें जानकारी है, लेकिन वो कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती हैं. वो भी माघ मेला आई थीं. भीड़ को देखते हुए उन्होंने गंगा में स्नान किया. सबकी अपनी मान्यता है.

डॉ. लक्ष्मी नारायण ने साफ कहा कि वो शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भी सही नहीं कह रही हैं, लेकिन प्रशासन ने इस प्रकरण को वैसे नहीं संभाला जैसे उसे करना चाहिए था. आचार्य महामंडलेश्वर ने बटुकों की शिखा खींचने पर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि परंपरा पर पर उंगली उठाना बुरा लगता है इसलिए ममता कुलकर्णी से दूरी बना ली. उन्हें सर्वसम्मति से बाहर कर दिया. डॉ. लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ममता कुलकर्णी लगातार विवादित टिप्पणी देती हैं. बार-बार विवादित टिप्पणी देने से बात बिगड़ती है. उनके बयान से किन्नर अखाड़े का कोई सरोकार नहीं है.

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