अमेठी में BLO टीचर ने सुसाइड किया, बेटा बोला- ‘बीआरसी ने फोन पर काम का दबाव बनाया’

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UP के अमेठी में 46 साल के सरकारी टीचर ने सुसाइड कर लिया. उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। बेटे का आरोप है कि ब्लॉक कर्मी ने फोन कर काम को लेकर पिता पर दबाव बनाया था. आधार कार्ड की फीडिंग जल्द पूरी करने को कहा. इसी तनाव में पिता ने जान दे दी.

टीचर राम प्रकाश वर्मा की यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रतापगढ़ में ड्यूटी लगी थी. वह SIR का काम भी देख रहे थे. बुधवार को परीक्षा ड्यूटी के बाद देर शाम करीब 30 किलोमीटर दूर अपने गांव पहुंचे. घरवालों के साथ खाना खाने के बाद वे बाजार वाले घर सोने चले गए.

बुधवार रात करीब 11 बजे पिता ने फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की. इसके बाद पड़ोसी से बात कराने को कहा गया. पड़ोसी मौके पर पहुंचा तो टीचर का शव फंदे से लटका मिला. उसने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने शिक्षक को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की है.

राम प्रकाश वर्मा संग्रामपुर थाना क्षेत्र के बढ़ईपुर गांव के रहने वाले थे. उनके माता-पिता गांव में रहते हैं, जबकि वह फुलबारी बाजार में बने दो मंजिला मकान में रहते थे. परिवार में पत्नी, बेटी वंदना (17) और बेटे आलोक (14) व अमन दीप (12) हैं। दोनों बेटे शिव प्रताप इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं. बोर्ड परीक्षा के चलते स्कूल की छुट्टी होने से परिवार गांव आया हुआ था.

राम प्रकाश पिछले 8 साल से प्रतापगढ़ जिले के गौहानी प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक थे. उनके घर से स्कूल की दूरी 30 किमी थी. वह रोज अप-डाउन करते थे। शिक्षक के बेटे आलोक वर्मा का कहना है कि पिता गौहानी गांव के बीएलओ थे. अब उनकी ड्यूटी गौहानी इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई थी.

बेटा बोला- पिता काम के दवाब से परेशान थे: आलोक वर्मा ने बताया, ‘पिता लगातार बढ़ते काम के दबाव से मानसिक तनाव में थे. बुधवार को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी पूरी करने के बाद गांव पहुंचे. इस दौरान बीआरसी ने फोन कर SIR के तहत आधार फीडिंग जल्द से जल्द करने को कहा. न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी.

पिता ने यह बात दादा और मुझसे बताई थी. इसके बाद हमारे साथ खाना खाकर वह बाजार वाले घर चले गए. रात 11 बजे दादा ने यह पूछने के लिए फोन किया कि वे घर पहुंच गए हैं या नहीं, लेकिन कॉल नहीं उठाई.

कई बार फोन करने के बाद भी जब पिताजी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. तो पड़ोसी को फोन किया गया. पड़ोसी जब घर पहुंचा तो गेट बंद मिला. उन्होंने अंदर झांककर देखा तो हाल में पिता का शव फंदे से लटका था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.’

पिता ने कहा- कोई परिवार नहीं, बेटे पर विभागीय काम बोझ था: पिता लल्लन प्रसाद वर्मा का कहना है कि घर में कोई पारिवारिक विवाद नहीं था. बेटा पिछले एक महीने से सुबह 6 बजे घर से निकलकर देर रात तक बीएलओ का काम कर रहा था। विभागीय कार्य का बोझ अधिक था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था.

कोतवाली प्रभारी रवि सिंह ने बताया- “शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

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