साल का पहला चंद्र ग्रहण आज: सूतक काल शुरू, इन तीन राशि के जातक रहें सावधान

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आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा. 

चंद्र ग्रहण का समय: साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी.

गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 यानी आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में आज शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा. 

चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग: यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दृश्यमान होगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. ऐसे में आज इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है. 

कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण? यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा.

चंद्र ग्रहण 2026 का किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से सिंह राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है. 

चंद्र ग्रहण 2026 देश-दुनिया पर प्रभाव: यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. इस ग्रहण से सिंह और कुंभ राशि प्रभावित होंगी. इस ग्रहण से दुनिया में सत्ता में उथल-पुथल होने की संभावना है. इस ग्रहण के बाद से युद्ध की स्थितियां ज्यादा नकारात्मक हो सकती हैं. इस ग्रहण की वजह से बड़े राजनेतों की सत्ता पर असर पड़ सकता है. 

सिंह राशि वालों के लिए सलाह: चूंकि यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले कुछ दिनों तक जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें, विवादों से दूर रहें और सोच-समझकर ही कदम उठाएं.

सूतक के दौरान क्या न करें

ग्रहण के दौरान धर्मशास्त्रों में सूतक की व्यवस्था बताई गई है. सूर्य ग्रहण में चार पहर पहले यानी 12 घंटें पहले तथा चंद्र ग्रहण में 3 पहर यानी 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक के दौरान अन्न का त्याग कर देना चाहिए. किसी प्रकार के नकारात्मक कार्य को करना निषेध रहता है. इस दौरान आध्यात्मिक चिंतन और सात्विक आहार विहार रखना चाहिए.

कच्चे पके हुए अन्न को ग्रहण के दौरान नहीं रखना चाहिए और तेल में तले पदार्थ और दूध-दही इत्यादि में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. इस चंद्रग्रहण का सूतक भारतीय समयानुसार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20  से शुरू हो जाएगा. ग्रहण के दौरान पूरी तरह से अन्न-जल का त्याग कर देना चाहिए. अपने इष्टदेव का ध्यान और ओम नम: शिवाय का जप करना चाहिए. 

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें

  1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है. 
  2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए. 
  3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है. 
  4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है.

चंद्र ग्रहण का क्या हो सकता है प्रभाव: ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मन और भावनाओं पर पड़ता है. इस दौरान तनाव, भ्रम और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है.

क्या होता है चंद्र ग्रहण? चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटना है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है तो ऐसी स्थिति चंद्र ग्रहण कहलाता है.

क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण? जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं. इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है.

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