नेपाल में बलेन शाह की सुनामी! भारी जीत की ओर RSP, वामपंथियों का बुरा हाल

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नेपाल में हुए ऐतिहासिक आम चुनाव (5 मार्च 2026) की मतगणना तेजी से जारी है और शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में एक बड़े भूचाल का संकेत दे दिया है। पिछले साल सितंबर 2025 में हुए ‘Gen Z’ आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव है, जिसने केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। अब तक के नतीजों और रुझानों में पुरानी और पारंपरिक पार्टियों, खासकर वामपंथी धड़े (कम्युनिस्ट पार्टियों) का सूपड़ा साफ होता दिख रहा है।

वहीं, युवाओं के भारी समर्थन से आगे बढ़ रही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक मजबूत लहर बनकर उभरी है। पूरे चुनाव का सबसे दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल मुकाबला झापा-5 सीट पर है, जहां काठमांडू के पूर्व मेयर, रैपर और RSP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह ने चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को मतों की गिनती में काफी पीछे छोड़ दिया है। यह चुनाव नेपाल की राजनीति में स्पष्ट रूप से एक ‘पीढ़ीगत बदलाव’ की कहानी लिख रहा है।

कौन हैं बालेंद्र शाह? एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के बेटे बालेन की रुचि बचपन से ही कविता में थी, जो आगे चलकर रैप संगीत में बदल गई। अमेरिका के प्रसिद्ध रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित बालेन ने नेपाल के संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 2019 में उनका गाना ‘बलिदान’ काफी लोकप्रिय हुआ, जिसमें उन्होंने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया था।

नेपाल में कल यानी 5 मार्च को प्रतिनिधि सभा (संसद के निचले सदन) की 275 सीटों के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव आयोग ने मतपेटियों को इकट्ठा करने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी है। नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, कल हुए चुनाव में लगभग 60% वोटिंग दर्ज की गई। देश भर में बनाए गए 10,963 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य 9 मार्च तक वोटों की गिनती पूरी करना है। ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ (सीधे चुनाव) वाली 165 सीटों के रुझान आज मिलने शुरू हो जाएंगे, जबकि बाकी 110 सीटों का फैसला ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व’ प्रणाली के तहत होगा।

बालेन ने ‘परिवर्तन का समय’ के नारे के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था। मेयर रहते हुए उन पर सड़कों को साफ करने के नाम पर रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के आरोप भी लगे। पिछले साल जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, तब बालेन ने युवाओं से कहा था, “प्रिय जेन-जी, तुम्हारे हत्यारे का इस्तीफा आ गया है। अब तुम्हारी पीढ़ी को देश का नेतृत्व करना होगा।” दिसंबर 2025 में बालेन शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने।

क्या है बालेन और RSP का विजन? राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने घोषणापत्र में आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने और युवाओं के विदेश पलायन को रोकने का वादा किया है। नेपाल की प्रति व्यक्ति आय को 1,447 से बढ़ाकर 3,000 डॉलर करने और जीडीपी को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह को तब आलोचना का सामना करना पड़ा जब वे झापा-5 में लगभग 4 करोड़ नेपाली रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार में घूमते देखे गए। उनके आलोचकों का कहना है कि वे पारंपरिक राजनेताओं को चुनौती देने का दावा तो करते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली अब उन्हीं की तरह वैभवशाली हो गई है। नेपाल अब चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। एक रैपर और सोशल मीडिया स्टार से देश के संभावित शीर्ष नेता तक बालेन शाह का यह सफर 2026 के चुनावों की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नेपाल का युवा वर्ग उन्हें वास्तव में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचा पाता है।

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