राजस्थान में शनिवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई. इसका सबसे ज्यादा असर सीकर जिले और आसपास के इलाकों में देखा गया. सुबह करीब 6:30 बजे आए इस भूकंप से लोगों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया, हालांकि तीव्रता कम होने के कारण कहीं से भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप का केंद्र जयपुर से करीब 69 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे था. कम गहराई पर केंद्र होने के कारण आसपास के इलाकों में कंपन साफ महसूस हुआ, लेकिन इसकी तीव्रता ज्यादा नहीं होने से बड़ा नुकसान टल गया.
सीकर जिले में सबसे ज्यादा महसूस हुए झटके: जानकारी के अनुसार सीकर जिले के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. खाटूश्यामजी, पलसाना, धींगपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने धरती में हल्का कंपन महसूस किया. स्थानीय लोगों के मुताबिक कंपन करीब एक से दो सेकेंड तक रहा.
पलसाना क्षेत्र के कई लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान घरों में लगे दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगी थीं. अचानक कंपन महसूस होने से लोग कुछ समय के लिए घरों से बाहर निकल आए. हालांकि कुछ ही सेकेंड में स्थिति सामान्य हो गई.
कंपन के साथ अजीब आवाजें सुनने का दावा: कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि झटकों के साथ अजीब तरह की आवाजें भी सुनाई दीं. लोगों का कहना है कि यह आवाजें जमीन के भीतर से आती हुई महसूस हो रही थीं. विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप के दौरान धरती की परतों में हलचल होने से इस तरह की आवाजें कभी-कभी सुनाई दे सकती हैं.
नए भूकंप जोखिम नक्शे में जयपुर हाई रिस्क जोन में: करीब तीन महीने पहले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने देश का नया भूकंप जोखिम नक्शा जारी किया था. इस नक्शे में जयपुर के साथ अलवर और भिवाड़ी को हाई रिस्क जोन में रखा गया है. हाई रिस्क जोन का मतलब है कि इन क्षेत्रों में 5 से 6 रिक्टर स्केल तक की तीव्रता वाले भूकंप आने की संभावना बनी रहती है.
हालांकि इस नए नक्शे में सीकर जिले को सीधे तौर पर हाई रिस्क जोन में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन जयपुर के करीब होने के कारण यहां भी कभी-कभी हल्के भूकंप के झटके महसूस किए जा सकते हैं.
















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