चंदौली में चकिया कोतवाली की छत पर बनी पानी टंकी में मंगलवार की सुबह पीआरवी में तैनात दरोगा 56 वर्षीय अशोक सिंह का शव मिलने से सनसनी फैल गई. तत्काल इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों की दी गई. अशोक सिंह मऊ के रहने वाले थे और यहां पीआरवी में उनकी तैनाती थी. मऊ से परिवार के सदस्य भी चंदौली पहुंच गए हैं. फिलहाल यह नहीं पता चला कि वह पानी टंकी पर कैसे चले गए.
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र भवनाथपुर गांव निवासी अशोक सिंह की तैनाती बीते 28 मार्च को चकिया कोतवाली में पीआरवी में की गई थी. बैरक के अन्य पुलिसकर्मियों के अनुसार अवधेश सोमवार की रात खाना नहीं खाए थे. मंगलवार की सुबह बनियान और अंडरवियर पहने अशोक सिंह का बैरक की छत पर रखी एक हजार लीटर की प्लास्टिक की पानी टंकी में औंधेमुंह शव पड़ा हुआ था.
एक स्टील की कटोरी भी पानी टंकी के अंदर पड़ी हुई मिली. घटना की जानकारी उस समय हुई जब सुबह करीब सात बजे सिपाही दुर्गेश यादव बैरक की छत पर कपड़ा सुखाने गए. उन्होंने घटना की जानकारी थाना प्रभारी अतुल प्रजापति को दी. इसके बाद आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. मऊ में परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई. अशोक सिंह के बेटे सोनू सिंह ने घटना की तहरीर चकिया कोतवाली में दी है. सोनू ने बताया कि उन्हें पापा के ही फोन से कॉल आई थी और कहा गया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है परिवार के साथ चंदौली आ जाइए. रास्ते में मौत की जानकारी मिली.
एएसपी आपरेशन अनिल कुमार के अनुसार प्रथम दृष्टया पानी की टंकी में डूबने से दारोगा की मौत होना प्रतीत हो रहा है. पानी टंकी के अंदर कटोरी पड़ी हुई मिली थी. घटना की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आने के बाद ही कारणों का पता चल पाएगा। परिजन भी मौके पर पहुंच चुके हैं.
















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