बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) हत्या के आरोपी को पुलिस ने हाफ एनकाउंटर में पकड़ लिया. आरोपी ठेकेदार अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी. इसके बाद पुलिस उसे कंधे पर लादकर गाड़ी तक ले गई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया.
सीओ डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया- आरोपी ने जिस तमंचे से अफसरों की हत्या की थी, उसे भागते वक्त जंगल में छिपा दिया था. शुक्रवार सुबह बरामदगी के लिए पुलिस उसे जंगल में ले गई थी. इसी दौरान आरोपी ने झाड़ियों के बीच से लोडेड तमंचा निकालकर फायर कर दिया. पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई.
इधर, पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपी तीन महीने से अफसरों को जान से मारने की धमकी दे रहा था. सुधीर ने 4 फरवरी को मूसाझाग थाने में उसके के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. आरोप लगाया था- अजय लगातार धमका रहा। पीछा करता है.
DGM इतना डर गए थे कि उन्होंने रिटायरमेंट के 5 साल पहले ही VRS की एप्लिकेशन दे दी थी, जो मंजूर हो गई थी. उनका 31 मार्च को नौकरी का आखिरी दिन था. आरोपी अजय गांव का दबंग था और पॉलिटिकल पकड़ वाला था, इसलिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
गुरुवार को जब ठेकेदार ने प्लांट में घुसकर डबल मर्डर कर डाला तो पुलिस ने लीपापोती करते हुए थाना प्रभारी अजय कुमार और हल्का प्रभारी SI धर्मेन्द्र कुमार को सस्पेंड कर दिया. जांच CO सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय को सौंपी गई. लोगों का कहना है कि गांव से लेकर प्लांट तक अजय का खौफ था, जब उसकी मर्जी होती, वह प्लांट में घुसकर अफसरों को धमकाता था. अगर समय रहते पुलिस एक्शन ले लेती तो दोनों अफसरों की जान बच जाती.

डीजीएम सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि अपने बेटे से लिपटकर फूट-फूटकर रोईं.
DGM के सीने में धंसी मिली दो गोलियां, मैनेजर के दिल के आर-पार हुई बुलेट: गुरुवार देर रात दोनों शवों का डॉ. कुशलपाल यादव और डॉ. वसीम ने पोस्टमार्टम किया. इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, डीजीएम सुधीर गुप्ता के सीने में दो गोलियां धंसी मिलीं, जबकि असिस्टेंट मैनेजर हर्षित के सीने के बाईं ओर एक गोली लगी, जो दिल को चीरते हुए पार निकल गई.
डीजीएम की पत्नी बेटे से लिपटकर रोईं: रात 11:20 बजे नोएडा से डीजीएम सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता, उनका बेटा आरुष और ससुर कैलाश बदायूं पहुंचे. सुधीर का शव देखकर पत्नी फूट-फूटकर रोने लगीं. यह देखकर बेटा भी मां के गले से लिपटकर रोने लगा. इसके बाद ससुर भी रो पड़े. पत्नी ने रोते हुए कहा- सुधीर जल्द ही काम से फ्री होकर परिवार को ज्यादा समय देने की बात करते थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या हो गई.

हर्षित की मां पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर अपने पति का हाथ पकड़कर रोती रहीं.
हर्षित को महिलाएं चुप कराने लगीं तो बोलीं-कैसे चुप हो जाएं, बेटा चला गया: असिस्टेंट मैनेजर सेल्स हर्षित मिश्रा की मां रानी और पिता सुनील देर रात पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. बेटे का शव देखकर रानी अपने पति का हाथ पकड़कर रोने लगीं. वहां बैठी महिलाओं ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा- हम कैसे चुप हो जाएं। मेरा बेटा चला गया है.

सुधीर गुप्ता (दाएं) HPCL में DGM थे. हर्षित मिश्रा भी उनके साथ ही काम करते थे. वह असिस्टेंट मैनेजर सेल्स के पद पर थे.
जॉइन करने पहुंचे नए डीजीएम वारदात से डरे, मुंबई लौटे: बताया जा रहा है कि नए डीजीएम लोकेश गुरुवार को प्लांट का चार्ज लेने पहुंचे थे. उनके सामने ही वारदात हुई, जिससे वह घबरा गए. पुलिस उन्हें बरेली एयरपोर्ट छोड़कर आई. इसके बाद वह मुंबई के अकोला स्थित अपने घर लौट गए.
















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