अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 को रविवार 19 जुलाई को अपना चैंपियन मिल गया. लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना देख रही अर्जेंटीना की टीम और टीम के कप्तान लियोनेल मेसी का सपना चकनाचूर हो गया. स्पेन ने खिताबी मैच में 1-0 से जीत दर्ज की। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाने वाली स्पेन के अभेद्य डिफेंस में लियोनेल मेसी जैसा महान खिलाड़ी भी सेंध नहीं लगा सका और लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का उनका और पूरी टीम का सपना आखिरी तिलिस्म पर आकर टूट गया
फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में गोल करके स्पेन को 16 साल बाद विश्व चैंपियन बना दिया. इस विश्व कप का उनका पहला गोल उनके जीवन का सबसे अनमोल गोल बन गया जिसने स्पेन को ट्रॉफी दी और इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक मेसी को आंसुओं के साथ विदाई. टोरेस ने जीत के बाद स्पेन के लोगों का जिक्र करते हुए कहा, ”यह गोल 47 मिलियन लोगों ने किया था.”
खिताबी मुकाबले तक पहुंचने का दोनों टीमों का सफर आसान नहीं रहा. स्पेन ने फ्रांस और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराया, जबकि अर्जेंटीना ने लगातार तीन नॉकआउट मुकाबलों में अतिरिक्त समय तक चले रोमांचक मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी.
पहले हाफ की कहानी: मुकाबले का पहला हाफ टक्कर वाला रहा, जिसमें एक भी गोल नहीं हुआ. पहले हाफ में स्पेनिश टीम ने ज्यादा अटैकिंग खेल दिखाया. उसने दो मौके पर शॉट ऑन टारगेट रखा. दूसरी ओर अर्जेंटीना की ओर से एक भी शॉट नहीं लिया गया. पहले हाफ में बॉल पोजेशन भी 65 प्रतिशत स्पेनिश टीम के पक्ष में रहा. कप्तान लियोनेल मेसी को स्पेनिश खिलाड़ियों ने मार्क करके रखा और वो कुछ खास नहीं कर पाए. दूसरी ओर लैमिन यामाल भी कमाल कर नहीं कर सके. पहले हाफ में अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेट को येलो कार्ड मिला. हालांकि वो कुछ देर बार चोटिल हो गए और उन्हें सब्स्टीट्यूट कर दिया गया. लिसांड्रो मार्टिनेज की जगह निकोलस ओटामेंडी पिच पर उतरे.
दूसरे हाफ का ऐसा रहा हाल: दूसरे हाफ में स्पेनिश टीम का पूरी तरह दबदबा रहा और उसने 68 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखी. ये अलग बात रही कि उसने कोई गोल नहीं दागा. 8 मौके पर स्पेनिश टीम गोलपोस्ट पर सटीक निशाना लगाने में सफल रही, हालांकि इन सभी प्रहारों का गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने सफलतापूर्वक बचाव किया. अर्जेंटीना की टीम दूसरे हाफ में भी एक भी शॉट टारगेट पर नहीं रख सकी. दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब मैच में दूसरी बार येलो कार्ड पाने के चलते एंजो फर्नांडीज को मैदान छोड़ना पड़ा. बता दें कि यदि किसी खिलाड़ी को एक मैच में दूसरा येलो कार्ड मिलता है तो उसे तुरंत रेड कार्ड भी दिखा दिया जाता है.
स्पेन की स्टार्टिंग XI: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, पाउ कुबार्सी, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री (कप्तान), फैबियन रुइज, एलेक्स बेना, दानी ओल्मो, लैमिन यामाल, मिकेल ओयार्जाबल.
अर्जेंटीना की स्टार्टिंग XI: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), गोंजालो मोंटिएल, क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांड्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, रोड्रिगो डी पॉल, निकोलस गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज, लियोनेल मेसी (कप्तान) और जूलियन अल्वारेज.
ऐसा रहा दोनों टीम का फाइनल तक का सफर: स्पेन ने ग्रुप H में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया. उसने सऊदी अरब और उरुग्वे को हराया, जबकि केप वर्डे के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ रहा. स्पेन ने राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर अपने इरादे साफ कर दिए. इसके बाद राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल के खिलाफ आखिरी मिनटों में गोल दागकर जीत दर्ज की. क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से मात दी. इसके बाद सेमीफाइनल में उसने प्रबल दावेदार फ्रांस को 2-0 से हराकर सभी को चौंका दिया और फाइनल का टिकट कटाया.
डिफेंडिंग चैम्पियन अर्जेंटीना ने ग्रुप J में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया. राउंड ऑफ-32 में केप वर्डे ने अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज की. राउंड ऑफ-16 में मिस्र के खिलाफ टीम दो गोल से पिछड़ गई थी, लेकिन शानदार वापसी करते हुए 3-2 से मुकाबला अपने नाम किया.
हालांकि इस मैच में रेफरिंग को लेकर विवाद भी हुआ. क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ मुकाबला भी 120 मिनट तक चला, जहां अर्जेंटीना ने 3-1 से जीत दर्ज की. इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पलों में वापसी करते हुए 2-1 से जीत हासिल कर लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई.
फाइनल से पहले स्पेन और अर्जेंटीना के बीच कुल 14 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए थे. इस दौरान दोनों टीमों ने 6-6 मैचों में जीत हासिल की थी. जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे. वहीं फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें इससे पहले सिर्फ एक बार भिड़ी थीं. 1966 के वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था. अब 60 साल बाद दोनों टीमों की वर्ल्ड कप में भिड़ंत हुई है.














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