फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल को लेकर हुए विवाद के बाद अब ‘पंडित’ शब्द एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार मामला उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है. परीक्षा की पहली शिफ्ट में हिंदी सेक्शन में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस सवाल में दिए गए विकल्पों पर आपत्ति जताई जा रही है, जिसके बाद सोशल मीडिया और विभिन्न वर्गों में इसको लेकर बहस तेज हो गई है.
दरअसल, हिंदी सेक्शन में पूछा गया प्रश्न था- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए. इस सवाल के चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें A- पंडित, B- अवसरवादी, C- निष्कपट और D- सदाचारी शामिल थे. प्रश्नपत्र में इस सवाल के पूछे जाने की पुष्टि भर्ती बोर्ड की ओर से भी की गई है.
भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने सीएम योगी से शिकायत की है. उन्होंने कहा कि ये विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है. वहीं, दरोगा भर्ती को लेकर एक पेपर भी वायरल हुआ था, जिसे लेकर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 13 और 14 मार्च को कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं.

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- ऐसे शब्द गलत
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए प्रश्न के विकल्प में पंडित शब्द के प्रयोग पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमे कड़ी आपत्ति है. सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए. पाठक ने कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने की कार्रवाई मांग: भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. सोशल मीडिया पर शनिवार दोपहर प्रश्न की प्रति प्रसारित होने के बाद इसके विरोध में तीखी टिप्पणियां सामने आ रही हैं. ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ प्रश्न के उत्तर में दिए गए चार विकल्पों में निष्कपट, सदाचारी व पंडित के बाद चौथे नंबर पर अवसरवादी लिखा गया था.भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है.
उन्होंने पत्र में कहा है कि यह प्रश्न स्पष्ट रूप से गलत फ्रेम किया गया है। सही अर्थ में अवसर के अनुसार बदल जाने वाला या अवसरवादी होता है, लेकिन विकल्पों में पंडित को शामिल करना एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है. पंडित शब्द विद्वान, ज्ञानी और धार्मिक सम्मान से जुड़ा है, इसे अवसरवादी जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना पूरी तरह अनुचित, असंवेदनशील और संभवत: जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है. अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी मामले में दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है. मामले में भर्ती बोर्ड के अधिकारी कुछ कहने से इन्कार कर रहे हैं.
जौनपुर की बदलापुर विधानसभा से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के विवादित प्रश्न पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि विकल्प में ‘पंडित’ शब्द शामिल करना बौद्धिक समाज का अपमान और एक समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है. विधायक ने प्रश्न को निरस्त करने और पेपर सेट करने वाली समिति के खिलाफ विभागीय जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
ऐसे बनता है प्रश्नपत्र: पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड अपनी परीक्षा के प्रश्नपत्र बाहरी एजेंसी के माध्यम से बनवाता है. पद के अनुरूप विभिन्न विषयों का सिलेबस एजेंसी को उपलब्ध कराया जाता है. एक अधिकारी के अनुसार हजारों प्रश्नों को कंप्यूटर के जरिए रेंडमाइज कर अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किए जाते हैं, जिन्हें गोपनीय रखा जाता है. एजेंसी के चयन को भी गोपनीय रखा जाता है.
मालूम जो कि आज शनिवार को प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले कैंडिडेट्स की 3 लेयर में चेकिंग की गई. सिर्फ प्रवेश पत्र और आईडी के साथ ही उन्हें अंदर जाने दिया गया. ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों के फोन भी जमा करा लिए गए। CCTV से चप्पे-चप्पे की मॉनिटरिंग की गई.
वाराणसी में पुरुष अभ्यर्थियों के जूते, मोजे और बेल्ट उतरवा लिए गए. चाकू से कलावा काटा गया. महिला कैंडिडेट्स की ज्वैलरी उतरवा दी गई. चूड़ी, बिछिया और कान की बाली निकलवाकर ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई. अंबेडकरनगर में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई. एक का खुद पेपर था. दूसरा बहन को पेपर दिलाने जा रहा था। तीनों एक ही बाइक से जा रहे थे.
वहीं, STF टीम ने आगरा से एक आरोपी को अरेस्ट किया है. पकड़े गए आरोपी आयुष ने बताया- हम लोग फर्जी प्रश्न पत्र को एडिट कर इसे असली बताते थे. फिर इसे टेलीग्राम चैनल पर शेयर करके अभ्यर्थियों से ऑनलाइन पेमेंट वसूलते थे.
















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