ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है. जानकारी के अनुसार, इस बार ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिणी इजरायल के शहर डिमोना पर आ गिरी है. इस हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए, जिनमें एक 12 साल बच्चा गंभीर रूप से जख्मी बताया जा रहा है.
डिमोना कहा जाता है ‘लिटिल इंडिया’: ईरान इस बार इजरायल के जिस शहर पर हमला किया उसे डिमोना के नाम से जाना जाता है, खास बात ये है कि इस शहर को इजरायल का ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं. अनुमान के अनुसार, शहर की करीब 30% आबादी (लगभग 7500 लोग) भारतीय मूल के है, जिनमें अधिकतर महाराष्ट्र से जुड़े हैं. हमले के बाद इस इलाके में दहशत फैल गई है. इजरायल के इस शहर में मराठी भाषा, भारतीय खान-पान और संस्कृति का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है. डिमोना के लोगों के बीच क्रिकेट भी काफी लोकप्रिय है और यहां की गलियों में सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपूरी आसानी से खाने को मिल जाती है.
ईरान ने इस हमले को बताया नतांज अटैक का बदला: ईरान ने इस हमले को अपने नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब बताया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया कि डिमोना स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र सुरक्षित है और वहां किसी नुकसान की खबर नहीं है. इस हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि नागरिकों को सतर्क रहने और शेल्टर में जाने की सलाह दी गई है.
कम्युनिटी बिल्डिंग पर गिरी मिसाइल: स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिसाइल एक कम्युनिटी बिल्डिंग पर गिरी, जिससे आसपास के कई पुराने मकान क्षतिग्रस्त हो गए. हालांकि, समय रहते अधिकांश लोग सुरक्षित शेल्टर में पहुंच गए, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो सका.
एयर डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्ट करने में रहा नाकाम: इजरायली रक्षा बल (IDF) ने स्वीकार किया कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम इस मिसाइल को रोकने में विफल रहा. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राहत एजेंसी मैगन डेविड एडम (MDA) के अनुसार, मलबे और छर्रों से कई लोग घायल हुए. एक बच्चा गंभीर हालत में है, जबकि 31 लोग मामूली रूप से जख्मी हुए. इसके अलावा 14 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.














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