भूकंप के तेज झटकों से दहले दिल्ली-NCR, 5.9 की तीव्रता से कांप उठी धरती; लोग घरों से निकले

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दिल्ली-एनसीआर के साथ पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात करीब 9.50 बजे भूकंप से धरती कांप उठी, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी में भूकंप के झटके महसूस किए गए. यह भूकंप अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र (हिंदू कुश क्षेत्र) में आया था, जो लगभग 175 से 186 किलोमीटर नीचे था. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.9 मापी गई. 

दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी जमीन हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.

लोगों में पसरी दहशत: शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी भी जानमाल का नुकसान की खबर नहीं है. दरअसल, यह झटके ऐसे समय पर महसूस हुए जब अधिकांश लोग घरों में खाना खा रहे थे या खाने की तैयारी में थे. इसी दौरान भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत फैल गई.

जानकारी के मुताबिक, भूकंप अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई. तेज झटकों के चलते ही दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई इलाकों में धरती हिली.

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. झटके कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे.

पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पंजाब और पेशावर समेत कई इलाकों में भी तेज झटके महसूस किए गए.

दिल्ली-NCR में कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को साफ महसूस किया. दफ्तरों और घरों में बैठे लोग तुरंत बाहर निकल आए. कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए. फिलहाल, किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.

भूकंप के झटकों के बाद लोग सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा करते नजर आए. कई लोगों ने बताया कि उन्हें अचानक पंखे और फर्नीचर हिलते हुए महसूस हुए. फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

बता दें कि धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं. रगड़ती हैं. एकदूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.  

रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है. 

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