पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा ‘वंदे मातरम’, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर नई व्यवस्था

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स्वतंत्रता दिवस पर हर साल की तरह इस साल भी प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश के नाम अपना संबोधन देंगे लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब उनके भाषण से पहले लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम बजाया जाएगा. जी हां, 15 अगस्त को यानी 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐसा होने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा.

रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, इस साल का समारोह ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का प्रतीक होगा और स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यह मशहूर देशभक्ति गीत मुख्य आकर्षण होगा. बता दें कि देश इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.

पहली बार लाल किले से गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘युवा शक्ति – विकसित भारत की यात्रा का नेतृत्व’ भी है, जिसमें देश के विकास में युवा भारतीयों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, समारोह एक संशोधित क्रम का पालन करेगा, जिसकी शुरुआत लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से होगी. इसके बाद राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया जाएगा, और फिर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाएगा.

‘वंदे मातरम’ को शामिल करने का ऐतिहासिक महत्व: दरअसल, लाल किले के समारोह में ‘वंदे मातरम’ को शामिल करने का ऐतिहासिक महत्व है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया था और इसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान भारतीयों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया. यह गीत पहली बार 1882 में चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ था. बाद में इसकी शुरुआती पंक्तियों को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया गया.

‘वंदे मातरम’ ने राष्ट्रवादी आंदोलन में अहम भूमिका निभाई; स्वतंत्रता सेनानियों ने मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करने के लिए इसे एक प्रेरक नारे के रूप में इस्तेमाल किया. भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के साथ इस गीत का जुड़ाव इसे देश की राष्ट्रीय चेतना में एक विशेष स्थान दिलाता है. इसके शब्द मातृभूमि का गुणगान करते हैं और देशभक्ति, त्याग और एकता की भावना जगाते हैं.

लाल किले पर सुरक्षा पुख्ता: मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर एक बड़ा ध्वज भी लेकर उड़ने वाला है, जो वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को दर्शाएगा. वैसे, इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की युवा शक्ति को भी सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम है. 2047 तक विकसित भारत की दिशा में जो युवा अहम योगदान दे रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी उनका सम्मान करेंगे. इस समारोह के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 20,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है. समारोह स्थल पर 1,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम के जरिए निगरानी ररखने की भी व्यवस्था की जा रही है.

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