अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज वे एक ऐसे मिशन की सफलता का जश्न मनाने के लिए मौजूद हैं, जो सैन्य इतिहास के सबसे बड़े, जटिल और जोखिम भरे कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक था. उन्होंने बताया कि आम तौर पर युद्ध के दौरान जब किसी विमान को दुश्मन इलाके में गिरा दिया जाता है, तो उसे बचाने के लिए इतने बड़े स्तर का ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल होता है. कई बार एक या दो लोगों को बचाने के लिए सैकड़ों सैनिकों को जोखिम में डालना पड़ता है, इसलिए ऐसे मिशन अक्सर किए ही नहीं जाते.
उन्होंने कहा कि इस मामले में भी बड़ा खतरा था, लेकिन इसके बावजूद मिशन को अंजाम दिया गया और इसमें टीम की क्षमता के साथ-साथ थोड़ी किस्मत ने भी साथ दिया.
ईरान में दुश्मन इलाके के अंदर गिरा F-15 विमान: राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि गुरुवार देर रात एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट ईरान के अंदर दुश्मन इलाके में गिर गया था. यह विमान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत मिशन पर था. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में अमेरिका बेहद मजबूत स्थिति में है और प्रदर्शन ऐसा है जैसा पहले कभी नहीं देखा गया.
पूरे देश को एक रात में खत्म करने की चेतावनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के पास इतनी ताकत है कि वह पूरे देश को एक रात में खत्म कर सकता है और वह रात कभी भी आ सकती है, यहां तक कि अगली रात भी. उन्होंने इस मिशन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह ऑपरेशन सैन्य इतिहास में दर्ज होगा और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका बेहद अहम रही.
जो भी जरूरी हो, करने का आदेश: राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया कि अपने सैनिकों को वापस लाने के लिए जो भी जरूरी हो, वह किया जाए. उन्होंने माना कि यह बेहद जोखिम भरा फैसला था, क्योंकि इससे 1-2 की जगह 100 सैनिकों की जान भी जा सकती थी. लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का सिद्धांत है, ‘हम अपने किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ते’.
21 सैन्य विमान दुश्मन के इलाके में भेजे गए: उन्होंने बताया कि कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने 21 सैन्य विमान दुश्मन के एयरस्पेस में भेज दिए. कई विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे और उन पर गोलियां चलाई जा रही थीं. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन दिन के उजाले में करीब 7 घंटे तक चला और इस दौरान भारी दुश्मन फायरिंग का सामना करना पड़ा.















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