ट्रंप की धमकी से भी नहीं डरा ईरान, बंद किए बातचीत के सारे रास्ते, अब ‘किस्मत’ के भरोसे अमेरिका

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का नाम लिए बिना सीधे तौर पर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि आज रात एक सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. खार्ग द्वीप समेत ईरान के ब्रिज और रेलवे लाइन पर अमेरिका और इजरायल की ओर से लगातार हमले हो रहे हैं. इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ सभी राजनयिक संबंध खत्म कर दिए हैं.

ईरान ने यूएस से संचार चैनल बंद किए: मंगलवार को ईरान ने कहा कि उसने अमेरिका के साथ सभी राजनयिक और अप्रत्यक्ष संचार चैनल बंद कर दिए हैं. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर तेहरान युद्धविराम समझौता नहीं करता तो एक पूरी सभ्यता मर जाएगी.

ईरान झुकने के मूड में नहीं: ईरान और अमेरिका पाकिस्तान के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए हैं, लेकिन एक सीनियर ईरानी सूत्र ने मंगलवार को रॉयटर्स को बताया कि जब तक वाशिंगटन दबाव में आत्मसमर्पण की मांग करता रहेगा, तब तक तेहरान किसी भी लचीलेपन का प्रदर्शन नहीं करेगा.

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम ईरान के संपर्क में हैं. ईरान के साथ हमारी बातचीत सकारात्मक रही. अगर हमारी किस्मत अच्छी रही, तो आज का दिन खत्म होते-होते कुछ अच्छे नतीजे सामने आएंगे.

ट्रंप की इस धमकी पर दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता की तरफ से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे.

तुर्की में ईरान के दूतावास ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति की इस धमकी पर तंज कसते हुए कहा कि सिकंदर ने जला दिया. मंगोलों ने तबाह कर दिया. इतिहास ने कठोर परीक्षा ली. लेकिन ईरान का वजूद फिर भी बना हुआ है. जिसे समय नहीं मिटा सका, वह किसी मानसिक दिवालिए शख्स की धमकी से वह खत्म नहीं होगा.

यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ट्रंप ने सीजफायर डील नहीं होने पर धमकी दी है कि एक पूरी सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. बता दें कि इजराइली एयरफोर्स ने मंगलवार को ईरान में करीब 10 रेल लाइनों और ब्रिज पर हमला किया है. अमेरिका ने सबसे बड़ा हमला खार्ग द्वीप पर किया, जहां तेल टर्मिनल को निशाना बनाया गया. ईरान का लगभग 90 फीसी कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है.

राजनीतिक कैदी माने जाने वाले दोषियों को फांसी: ईरान के कट्टरपंथी न्यायपालिका प्रमुख ने मंगलवार को अदालतों से कहा कि अमेरिका-इजरायल युद्ध से जुड़े मामलों में फैसले तेजी से दिए जाएं, जिसमें फांसी की सजा भी शामिल है. कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक कैदियों माने जाने वाले दोषियों की फांसी में तेजी आई है. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 7 लोगों को फांसी दी है.

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