नेपाल में बाढ़ से तबाही, अब तक 95 मौत, ‘बड़े भाई’ भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

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तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आए विनाशकारी सैलाब ने उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है. इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत 1 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं. स्थानीय प्रशासन और नेपाली सेना ने युद्धस्तर पर राहत अभियान शुरू किया है, जिसमें 15 हेलिकॉप्टरों की मदद से फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है.

बुधवार सुबह करीब 9 बजे सीमा पार तिब्बत की तरफ से अचानक भोटेकोशी नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया. देखते ही देखते तेज बहाव ने टिमुरे कस्टम क्षेत्र, रिहायशी घरों को अपनी चपेट में ले लिया. रसुवा सीमा नाके, टिमुरे बाजार और स्याब्रुबेसी में पुलिस चौकियों से लेकर दर्जनों गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं, वहीं 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा है. नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 105 भारतीय समेत 291 विदेशी पर्यटक हैं.

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है. यह कभी भी टूट सकता है.

नेपाल में लापता लोगों की संख्या 463 तक पहुंच गई है. इनमें 133 भारतीय, 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक शामिल हैं. कैलाश जर्नी के कुल 31 यात्री भी लापता बताए गए हैं, जिनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है. भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है, जबकि 7 टीमें स्टैंडबाय पर हैं.

नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव राहत मदद का भरोसा दिया है. 

हिंडन एयरबेस पर 2 विमान अलर्ट: अगले 24 घंटे में नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए भारतीय सेना और वायुसेना पूरी ताकत के साथ तैयार है. भारत ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए मदद के लिए पूरी तैयारी कर ली है. हिंडन एयरबेस पर वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर और C-130J सुपर हरक्यूलिस समेत दो विमान तैयार रखे गए हैं, जिन्हें जरूरत के मुताबिक नेपाल भेजा जा सकता है.

ल्हेंदे नदी में बर्फ का एवलॉन्च: इससे नदी का बहाव रुका, पानी जमा हुआ और अवरोध टूटने पर तेज पानी भोटेकोशी में पहुंचा, जिससे अचानक बाढ़ आई.

तिब्बत में भूकंप: सुबह 8:37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था. बाढ़ भी इसी समय के आसपास आई, इसलिए इसके संबंध की जांच हो रही है.

पिछले 24 घंटे में रसुवा में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई. इतनी बारिश से भोटेकोशी में इतना तेज सैलाब आना संभव नहीं माना जा रहा.

आखिर कैसे बाढ़ आई? 26 अगस्त सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा में भोटे कोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आई. पानी तिब्बत की ओर से आया. यह घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया. उस समय भारी बारिश नहीं हुई थी. बताया जा रहा है कि बर्फ-चट्टान का बड़ा हिस्सा ल्हेंदे नदी में गिरा, जिससे पानी रुक गया था. अब रुकावट टूटते ही पानी तेजी से नीचे आया और फ्लैश फ्लड बन गई, ग्लेशियल झील फटने की आशंका की भी जांच हो रही है.

पश्चिम बंगाल के 65 पर्यटक फंसे , परिवारों की बढ़ी चिंता: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग से 65 पर्यटकों को लेकर नेपाल गई बस फिलहाल वहां फंसी हुई है. बस नेपाल के चेतनपार्क में खड़ी है, जो आपदा प्रभावित इलाके से करीब 120 किलोमीटर दूर है. यह समूह 24 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुआ था. बुधवार सुबह पर्यटकों से संपर्क टूटने के बाद उनके परिवार परेशान हो गए थे. शाम को संपर्क हो गया, लेकिन नेपाल में नेटवर्क की दिक्कत के कारण लगातार बातचीत नहीं हो पा रही है. परिवार के लोग चाहते हैं कि सभी पर्यटक जल्द से जल्द सुरक्षित आरामबाग लौटें. बस मालिक भी यात्रियों और बस की वापसी को लेकर चिंतित है.

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