सीमा पर तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. SCO यानी शंघाई सहयोग संगठन के दौरान हुई इस मुलाकात के गवाह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी बने. खास बात है कि एक दिन पहले ही पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मीटिंग की थी और युद्ध खत्म करने की बात पर जोर दिया था. साल 2020 में गलवान घाटी में हुई सैनिकों की झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे.
पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं, जहां SCO समिट में भाग लेंगे. मंगलवार सुबह समूह में शामिल प्रतिनिधी ग्रुप फोटो के लिए जुटे थे. उस दौरान उन्होंने जिनपिंग और पुतिन समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की और हाथ मिलाया. खास बात है कि उस दौरान शरीफ भी वहां मौजूद थे. खबर है कि उन्होंने शरीफ को नहीं देखा.
क्या है SCO: दस-सदस्यीय एससीओ की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान द्वारा की गई थी, जिसमें भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए, उसके बाद ईरान और बेलारूस क्रमशद्ध 2023 एवं 2024 में शामिल हुए.
व्लादिमीर पुतिन से मिल चुके: शिखर सम्मेलन के मौके पर पुतिन के साथ बैठक में मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को तुरंत खत्म करने की अपील की. उन्होंने कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है. उन्होंने कहा कि गांधी और बुद्ध की धरती भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा. दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा व उर्वरक सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में जारी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की.













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