थम गया एक महायुद्ध: जीत-हार के अपने-अपने दावे, ट्रंप की अपने ही देश में किरकिरी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ करीब एक महीने से जारी युद्ध के बाद अब सीज़फायर का ऐलान किया है. ट्रंप ने जानकारी दी है कि अगले दो हफ्तों तक इस युद्ध को विराम दिया जाएगा.

धमकियों से अचानक पीछे हटते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रोक देंगे, जो कूटनीति के लिए एक संभावित मौके का संकेत है. सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “मैं दो हफ़्तों की के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं.” उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिन्होंने उनसे नियोजित हमलों को टालने का आग्रह किया था.

ईरान ने पाकिस्तान के दो हफ़्तों के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. इस युद्धविराम को देश के नए सुप्रीम लीडर ने मंज़ूरी दे दी है. ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत को जंग के खत्म होने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए. 10-सूत्रीय प्रस्ताव में सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों को हटाने, पूरी तरह मुआवज़ा देने और ईरान की सभी ज़ब्त संपत्तियों को जारी करने की मांग की गई है.

वहीं, ईरान ने जंग रोकने के लिए 10-Points का प्रस्ताव भेजा है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने कहा कि वह युद्ध की समाप्ति को तभी स्वीकार करेगा. ईरान की मांगों को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ शुक्रवार, 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत होगी.

ट्रंप ने ईरान के सामने पूरी तरह सरेंडर किया: US सीनेटर क्रिस मर्फी ने CNN से बात करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ जंग में ट्रंप की पूरी तरह हार हुई है. उन्होंने सरेंडर कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कंट्रोल देने पर सहमति दे दी है. यह दुनिया के लिए बहुत ही असाधारण और विनाशकारी बात है.

पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ के पोस्ट पर उठ रहे सवाल: X पर एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गया है, जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का, राष्ट्रपति ट्रंप की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध, पहले से ही तैयार किया हुआ लग रहा था. यूज़र्स ने इस पोस्ट के एक पुराने वर्जन की ओर इशारा किया, जिस पर कथित तौर पर “Draft – Pakistan’s PM Message on X” लिखा हुआ था, जिससे इसके मूल सोर्स को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं.

हालांकि, ये दावे अभी तक वेरिफ़ाई नहीं हुए हैं, लेकिन इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच ऑनलाइन बहस को और तेज़ कर दिया है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई सफ़ाई जारी नहीं की है.

सीज़फ़ायर प्लान के तहत ट्रांज़िट फ़ीस ले सकते हैं ईरान और ओमान: CNN द्वारा बताए गए एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, चल रही सीज़फ़ायर बातचीत के हिस्से के तौर पर, ईरान और ओमान को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों से फ़ीस लेने की अनुमति दी जा सकती है. यह कदम एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि इस स्ट्रेट को लंबे वक्त से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता रहा है, जहां कोई ट्रांज़िट टोल नहीं लगता था.

उम्मीद है कि ईरान इस कमाई का इस्तेमाल युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण के लिए करेगा, जबकि ओमान की योजनाएं अभी साफ़ नहीं हैं. यह प्रस्ताव दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर फ़्रेमवर्क के तहत चल रही व्यापक चर्चाओं का हिस्सा है और इसका वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर काफ़ी असर पड़ सकता है.

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