पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर के महाराजपुर में 11 वर्षीय दिव्यांश की लखनऊ स्थित गुरुकुल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है. परिजनों का आरोप है कि गुरुकुल संचालक ने हत्या कर शव घर के पास फेंक दिया. बच्चे के शरीर पर चोट के 40 निशान मिले हैं. पुलिस ने संचालक कन्हैया मिश्रा और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
एसीपी चकेरी ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.इसकी वीडियोग्राफी भी करायी गयी है. हत्यारोपियों की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं. यह लखनऊ, फतेहपुर और बाराबंकी में दबिश दे रही हैं. आरोपियों के रिश्तेदारों को उठाया गया है.
पिता नरेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर स्कूल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा और चालक पर हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर हुई है. महाराजपुर के गैरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी के मुताबिक वह निजी फैक्टरी में कार्य करते हैं. उन्हें एक रिश्तेदार ने लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल की जानकारी दी.
उसके शरीर पर करीब 42 जगह चोट के निशान मिले हैं. शरीर को सिगरेट से कई जगह दागा भी गया है. गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा. परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया.

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीड़ित परिवालों से मुलाकात की। आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए. परिजन शव को लेकर ड्योढ़ी घाट के निकल चुके हैं. पूरा मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र का है. छात्र की मौत लखनऊ के रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में बुधवार को हुई थी.
15 अप्रैल को एडमिशन कराया था: महाराजपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले नरेंद्र कुमार द्विवेदी एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करते हैं. नरेंद्र कुमार ने बताया- मुझे एक रिश्तेदार ने लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल की जानकारी दी थी. कहा था कि यहां फ्री में वैदिक शिक्षा दी जाती है.
इसके बाद 15 अप्रैल को मैंने अपने बेटे दिव्यांश (11) का गुरुकुल में एडमिशन कराया. हम लोग रोज उससे बात करते थे. मंगलवार की सुबह भी हमारी बेटी दीपिका ने उससे बात की थी, तब सबकुछ ठीक बता रहा था.
घर से थोड़ी दूर पर शव रखकर भाग गए: बुधवार की सुबह अचानक एक रिश्तेदार की कॉल आई, जिसमें उन्होंने बताया कि दिव्यांश सीढ़ियों से नीचे गिर गया है. उसको गंभीर चोटें आ गई हैं। सभी लोग लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे थे.इसी दाैरान सुबह लगभग साढ़े 9 बजे गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कार से बेटे का शव लेकर आए.
घर से थोड़ी दूरी पर शव छोड़कर वे भाग गए। हम लोगों ने वहां पहुंचकर देखा तो बेटे के शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। इसके बाद वहां पर भीड़ लग गई. हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
















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