पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में ऑनलाइन गेमिंग और स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को रावतपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी दिल्ली में बैठे एक ठग को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते थे. पुलिस को इनके पांच खातों में करीब 14 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है.
जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को ऑनलाइन गेमिंग एप, ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का झांसा देकर ठगी करते थे. पुलिस को आरोपियों के खातों से देश के कई राज्यों से जुड़ी 13 शिकायतें मिली हैं. पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी चेक और एटीएम के जरिए ठगी की रकम निकालते थे, ताकि पैसों की ट्रेल खत्म हो जाए. पुलिस ने आरोपियों के पास से 42 हजार रुपए नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
NCRB पोर्टल में मिल रही थीं शिकायतें: डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि NCRB पोर्टल पर कुछ समय से संदिग्ध खातों की जानकारी मिल रही थी, जो कानपुर में एक्टिवेट थे। साइबर सेल खातों की जांच शुरू की गई तो जानकारी मिली कि सीसामऊ, पीरोड निवासी इंटर पास सुमित कश्यप व कर्नलगंज निवासी हाईस्कूल पास नवीन श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपी रावतपुर के केशवपुरम में किराए का मकान लेकर रहते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपी सुमित व नवीन ने बताया कि वह टेलीग्राप और वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर लोगों को ऑनलाइन गेमिंग एप, स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग कराने व आईपीओ दिलाने के नाम लोगों से रकम इनवेस्ट कराकर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे.
डीसीपी वेस्ट ने बताया कि पूछताछ में दिल्ली के तोमर नाम के युवक का नाम सामने आया है, आरोपियों का कहना है कि वह तोमर को म्यूल खाते मुहैया कराने का काम करते थे. सुमित को वर्ष 2024 में साइबर फ्रॉड के मामले में हरियाणा पुलिस ने जेल भेजा था.
इन बैंकों में खुलवाये थे म्यूल खाते: आरोपियों के पास से 5 म्यूल अकाउंट मिले है, जो कानपुर के इंडसइंड, इंडियन बैंक, आईडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक व एक्सिस बैंक के हैं। इन पांच खातों में एक खाता सुमित का है, जो उसने बिरहाना रोड की एक्सिस बैंक में खुलवाया था, जिसमें 8 ठगी की शिकायतें मिली हैं.
चकेरी में 97 लाख का साइबर फ्रॉड किया था: डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपियों के पास मिले पांच खातों में पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, कानपुर, पंजाब, केरलम, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात राज्यों से 13 शिकायतें NCRB पोर्टल पर दर्ज कराई गई हैं. पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चकेरी में 97 लाख की साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम दिया था. आरोपियों के पास से पुलिस ने 42 हजार कैश व 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
आरोपी ठगी की रकम को चेक और एटीएम के माध्यम से निकालते थे, जिससे कि पैसों की ट्रेल बैंकिग सिस्टम से कट ऑफ हो जाए और पुलिस आरोपियों तक न पहुंच सके. डीसीपी ने बताया कि सुमित के खिलाफ रावतपुर, गुरग्राम, सीसामऊ में चार मुकदमें दर्ज है. आरोपियों के पास से मिले मोबाइल की फोरेंसिक टीम जांच कर रही है, जिससे अन्य तथ्य प्रकाश में आएंगे.















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