लखनऊ की आग के बाद सक्रिय हुए कानपुर के अफसर, सभी कोचिंग, होटल और मॉल की जांच होगी

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस और फायर विभाग अलर्ट हो गया है. मंगलवार को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने शहर के कोचिंग सेंटर, होटल, हॉस्टल, अस्पताल, सिनेमाघर, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक भवनों के संचालकों के साथ बैठक की.

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 865 कोचिंग संस्थानों, 490 अस्पतालों, 490 स्कूलों और 160 हॉस्टलों का निरीक्षण किया जा चुका है.

जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिलने पर 40 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 30 से अधिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि चेतावनी के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

एक-एक बिल्डिंग का ज्वाइंट टीम करेगी सत्यापन:पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के साथ ही सीएफओ दीपक शर्मा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस कार्यालय सभागार में सुरक्षा को लेकर बैठक हुई. इसमें अलग-अलग विभागों के अफसर के साथ ही शहर के कोचिंग, होटल, हॉस्टल, अस्पताल व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालक शामिल हुए.

बैठक में अग्नि सुरक्षा, भवन संरक्षा, आपदा प्रबंधन, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. संस्थान संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट या अन्य स्थानों पर सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होने वाली किसी भी व्यावसायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस, सीलिंग, आर्थिक दंड और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज करके एक्शन लिया जाएगा.

मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने आग लगने की स्थिति में बचाव उपायों, प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने संस्थान संचालकों से कर्मचारियों को नियमित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण देने और सभी सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील रखने की अपील की.

कई विभागों के अफसर रहे शामिल: बैठक में एडीएम सिटी, कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए), नगर निगम, विद्युत विभाग, जिला पूर्ति विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नियामकीय कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित बनाकर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है. संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

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