गोरखपुर में 1 लाख का इनामी मुस्तफिजुल उर्फ बाबू ढेर, बदमाश पर हत्या के कई केस थे दर्ज

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गोरखपुर में सोमवार की देर रात एक लाख के इनामी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू के साथ पुलिस का एनकाउंटर हो गया. दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में एसटीएफ और पुलिस ने इस कुख्यात को मार गिराया.

पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की गई थी. खुद को घिरा देख शातिर बदमाश ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश को गोलियां लगीं, जिसमें एक गोली उसके दाएं पैर और दूसरी बायीं आंख के पास लगी. मुठभेड़ के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

एसटीएफ के मुख्य आरक्षी भी घायल: अपराधी की ओर से की गई बेखौफ फायरिंग के दौरान यूपी एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए हैं. घायल आरक्षी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

मौके से हथियार और कारतूस बरामद: मुठभेड़ समाप्त होने के बाद पुलिस ने जब घटना स्थल की सघन तलाशी ली, तो वहां से मारे गए बदमाश के पास से एक .32 बोर की अत्याधुनिक पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस बरामद हुए हैं. पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू एक बेहद शातिर अपराधी था और लंबे समय से पुलिस व एसटीएफ की रडार पर चल रहा था. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

एक लाख रुपये का था इनाम घोषित: आजमगढ़ जिले के रहने वाले बदमाश पर बसपा नेता की हत्या के जुर्म में एडीजी वाराणसी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. इसके साथ ही हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस कस्टडी से भागने समेत दस से ज्याद मुकदमे दर्ज थे. यूपी में पुलिस का शिकंजा बढ़ने के बाद रहमान गुजरात भाग गया था.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी, चोरी तथा पुलिस हिरासत से फरार होने सहित कुल 10 मुकदमे दर्ज थे. वह वर्ष 2011 से कई मामलों में फरार चल रहा था. वर्ष 2021 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में दर्ज बसपा नेता कमालू की हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसके बाद गुजरात फरार हो गया था। वर्ष 2024 में महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण जिले की पुलिस हिरासत से फरार होने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज है.

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