केंद्र सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन तत्काल वापस ले लिया है. पार्टी ने यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा उसकी तीनों मांगों को मान लेने के बाद किया. इसके साथ ही CJP के प्रवक्ताओं ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से वापस अपने अपने घर जाने को भी कह दिया है. इससे पहले केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के दोनों प्रतिनिधियों के बीच शनिवार दोपहर को तीसरे दौर की बातचीत हुई, जिसमें शामिल सरकार के दोनों मंत्रियों ने CJP की सभी मांगों को मान लेने पर सहमति जता दी. बैठक के सफलतापूर्वक खत्म होने के बाद कॉकरोच पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारी मांगें क्रांतिकारी नहीं बल्कि बुनियादी थीं, और सरकार ने अब उन्हें मान लिया है.’
सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की बातचीत में सहमति बन गई. छात्रों ने जीत का जश्न मनाया. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत के बाद आंलोदन खत्म होने का ऐलान हुआ.
सीजेपी के नेताओं ने बताया कि मंगलवार तक उन्हें सरकार से लिखित गारंटी मिल जाएगी. सीजेपी ने कहा है कि सरकार अपने वादे पर खरी उतरेगी तो हम भी अपने वादे पर अमल करेंगे. सीजेपी नेताओं ने कहा कि आंदोलन करने पहुंचे युवाओं पर दर्ज हुई एफाईआर की सभी कॉपी कुछ दिन में हमें प्रोवाइड कर दी जाएगी.’
सीजेपी की सभी मांगे मानी गईं: सौरव दास: उन्होंने ये भी बताया कि केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच चल रही बातचीत में जंतर मंतर से लेकर बीजेपी शाषित राज्यों में युवाओं पर आंदोलन के चलते दर्ज हुई एफआईआर रद्द करने की मांग भी सरकार ने मान ली है.
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले सीजेपी के नेताओं ने सहमति बनने की पुष्टि की उसके बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने अपनी बात कही. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी नेताओं में से सौरव दास और आशुतोष रांका ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद क्या कुछ कहा सिलसिलेवार तरीके से आपको बताते हैं.
सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं’.
➤पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है. हमारी पहली मांग मान ली गई.’
➤सौरव दास ने आगे कहा कि दूसरी मांग आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की थी. सरकार ने इस पर भी सहमति जताई है. जिन राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकारें हैं वहां आंदोलनकारियों पर दर्ज FIR वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी.
➤कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के सदस्यों के खिलाफ भी किसी तरह का एक्शन नहीं होगा.’
सरकार के प्रतिनिधिमंडल का बयान: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों ने चार सूत्रीय लिखित मसौदा सरकार को सौंपा था. उन्होंने कहा कि इसमें सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने, नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए चार्टर का अध्ययन करने तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है.
















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