हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बिरखेरा गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक किसान की कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. कानपुर के अस्पताल में शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया.
मृतक के भाई राजकुमार वर्मा ने बताया कि 32 वर्षीय जितेंद्र वर्मा परिवार से अलग रहते थे. उनके हिस्से में करीब ढाई बीघा कृषि भूमि थी, जिसे उन्होंने गिरवी रख दिया था. खेती से गुजर-बसर संभव नहीं होने पर वह ऑटो चलाकर पत्नी और बच्चों का पालन-पोषण करते थे.
ऑटो खराब हुआ, कहीं से नहीं मिली मदद: परिजनों के मुताबिक, तीन दिन पहले जितेंद्र का ऑटो खराब हो गया था. उसे ठीक कराने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे. उन्होंने गांव में कई लोगों से उधार लेने की कोशिश की, लेकिन कहीं से आर्थिक मदद नहीं मिल सकी. इसी परेशानी से परेशान होकर गुरुवार सुबह करीब नौ बजे उन्होंने कथित तौर पर सल्फास खा लिया.
कानपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम: हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पहले सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया. कानपुर में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई. जितेंद्र अपने पीछे पत्नी ज्योति और तीन बेटे शुभम, सुभाष और अर्पित को छोड़ गए हैं. उनकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है.
पुलिस बोली- तहरीर मिलने पर होगी जांच: सुमेरपुर थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है. यदि कोई तहरीर मिलती है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, शव का पोस्टमार्टम कानपुर में कराया जा रहा है.
















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