झींझक में पटरी चटकने से सवा घंटे बाधित रहा दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग, दो ट्रेनें रोकी गयीं

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दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर रविवार को खम्हैला गांव के सामने डाउन लाइन की पटरी चटकने से रेल यातायात करीब सवा घंटे प्रभावित रहा. गश्त के दौरान की-मैन संतोष कुमार की नजर चटकी पटरी पर पड़ी. उन्होंने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद रेलवे ने डाउन लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोककर मरम्मत का काम शुरू कराया.

सुबह करीब 10:45 बजे खंभा संख्या 1077/20 और 22 के बीच डाउन लाइन की पटरी चटकी मिली. सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारियों ने पीछे से आ रही ट्रेनों को रोकने के निर्देश दिए. रूट से गुजर रही टीटीएम (ट्रैक टैंपिंग मशीन) को भी रोक दिया गया। तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और पटरी की जांच शुरू की.

पटरी पर बांधा गया क्लैंप: रेलवे की टीम ने चटकी पटरी पर क्लैंप बांधकर अस्थायी मरम्मत की. इस दौरान करीब एक घंटे 25 मिनट तक डाउन लाइन पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा. मरम्मत पूरी होने के बाद करीब 12 बजे रेल यातायात को सुचारु कराया गया.

पटरी चटकने के कारण झींझक रेलवे स्टेशन की डाउन लूप लाइन पर टूंडला-कानपुर मेमू करीब 20 मिनट तक खड़ी रही. इसके अलावा जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस को भी मुख्य लाइन पर रोकना पड़ा. अचानक ट्रेनें रुकने से भीषण गर्मी में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

गश्त के दौरान की-मैन ने देखी चटकी पटरी: की-मैन संतोष कुमार नियमित गश्त पर थे. इसी दौरान उन्हें पटरी चटकी हुई दिखाई दी. उन्होंने बिना देर किए अधिकारियों को इसकी सूचना दी. अलर्ट मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हुआ और पीछे से आने वाली ट्रेनों को रोककर संभावित खतरे को टाला गया.

रेलवे के यातायात निरीक्षक फफूंद आलोक द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का काम कराया गया. इसके बाद रेल यातायात बहाल कर दिया गया. प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि की-मैन संतोष को गश्त के दौरान पटरी चटकी होने की जानकारी मिली थी.

उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सूचना दी, जिसके बाद पीछे से आने वाली ट्रेनों को रोककर पटरी पर क्लैंप लगाने का काम पूरा किया गया. इसके बाद ट्रेनों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया. उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन के लिए यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है.

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