चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, रामघाट डूबा; खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर

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मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हुई बारिश से चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. रामघाट की सैकड़ों दुकानों के अलावा कई धार्मिक स्थल में पानी घुस आया है.

गुरुवार सुबह नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और करीब 11 बजे यह खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गया. इसके बाद रामघाट की मुख्य सड़क, आरती स्थल और कई दुकानें बाढ़ के पानी में डूब गईं. सावन के महीने में मंदाकिनी में यह सातवीं बार बाढ़ की स्थिति बनी है.

रामघाट क्षेत्र पूरी तरह बंद: जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रामघाट क्षेत्र में आम लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है. दुकानदारों ने दुकानें बंद कर सुरक्षित स्थानों का रुख किया. संत तुलसीदास मंदिर, मतगजेंद्र नाथ मंदिर और भरत मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है.

आरोग्यधाम पुल पर बह रहा पानी: बढ़ते जलस्तर का असर आसपास के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी पड़ा है. आरोग्यधाम पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जबकि जानकी चरण चिन्ह स्थल भी जलमग्न हो चुका है. स्फटिकशिला और सती अनुसुइया मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग भी पानी के कारण बाधित हो गया है.

पिछली बाढ़ से सबक, प्रशासन अलर्ट: पिछली बार मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने पर पानी तेजी से रामघाट के आसपास स्थित मठ-मंदिरों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया था. उस दौरान नावों की मदद से साधु-संतों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था. इस बार प्रशासन पहले से सतर्क है और सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं.

नदी किनारे जाने से बचने की अपील: फिलहाल बारिश थमी हुई है, लेकिन मंदाकिनी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी तथा उसके आसपास के इलाकों में न जाने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के कदम उठाए जाएंगे.

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