उन्नाव में दो बच्चियों को गंगा में डूबता देख पिता आगे आया पर वो भी डूबने लगा, फिर देवदूत बना पंडा!

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उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा टल गया. आनंद घाट नवीन पुल के नीचे स्नान कर रहे पिता और उनकी दो बच्चियां अचानक गहरे पानी में जाने लगीं.

चीख-पुकार के बीच मौके पर मौजूद आयुष तिवारी ने बिना अपनी जान की परवाह किए गंगा में छलांग लगा दी और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. घटना का वीडियो भी सामने आया है. शुक्लागंज के झंडा चौराहा निवासी 38 वर्षीय दीपक सविता रविवार सुबह अपनी 10 वर्षीय बेटी प्रज्ञा और 12 वर्षीय भांजी भूमि के साथ आनंद घाट पहुंचे थे. सुबह करीब 9:38 बजे तीनों सीढ़ियों के पास गंगा में स्नान कर रहे थे. इसी दौरान प्रज्ञा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी की ओर जाने लगी.

बेटी को डूबता देख दीपक उसे बचाने के लिए आगे बढ़े. इसी बीच भूमि भी पानी में फिसल गई. दोनों बच्चियों को बचाने की कोशिश में दीपक का संतुलन बिगड़ गया और तीनों तेज बहाव के बीच गहरे पानी में जाने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और बहाव के कारण वे सफल नहीं हो सके.

चीख-पुकार सुन युवक ने गंगा में लगा दी छलांग: हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद आयुष तिवारी ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी. उन्होंने पहले दोनों बच्चियों को संभाला और फिर उनके पिता को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की. आसपास मौजूद लोगों ने भी उनका सहयोग किया और तीनों को घाट तक पहुंचाया. घटना में दीपक और दोनों बच्चियां बाल-बाल बच गईं। परिजनों ने बताया कि समय पर मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया. मौके पर मौजूद लोगों ने राजू पांडा के साहस की सराहना की.

तेज बहाव को देखते हुए सावधानी की अपील स्थानीय लोगों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण घाट पर स्नान के दौरान खतरा बढ़ गया है. सीढ़ियों के आसपास पानी की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है. लोगों ने श्रद्धालुओं से गंगा स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.

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