बांदा के मरका थाना क्षेत्र के गुजेनी गांव में मंगलवार को बारिश के बाद उफनाए बहा नाले को पार करते समय चार किसान तेज बहाव में बह गए. हादसे में चाची और भतीजे समेत तीन की डूबने से मौत हो गई. सभी किसान दिनभर का काम निपटाकर अपने घर लौट रहे थे. एक किसान ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली। ग्रामीणों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बरामद किए.
ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी. घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. स्थानीय विधायक भी पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
तैरकर नाला पार करने की कोशिश: मंगलवार, 25 अगस्त 2026 की सुबह गुजैनी गांव के 28 वर्षीय कोमल यादव,36 वर्षीय कुसुमरानी और 52 वर्षीय सियादुलारी खेत में मवेशियों को चराने और खाद डालने के काम से गए थे. शाम के समय जब वे वापस लौट रहे थे, तब लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव के पास मौजूद बरसाती नाला उफान पर आ गया और पानी नाले के ऊपर से बहने लगा. तीनों किसानों ने तैरकर नाला पार करने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज था. तेज धारा की चपेट में आने से तीनों संतुलन खो बैठे और नाले के गहरे पानी में समा गए. जिससे उनकी मौत हो गई.
नाले पर पुल न होने से हादसा: ग्रामीणों ने बताया कि गुजेनी का बहा नाला पारा और भाटी गांवों को जोड़ने वाला आम रास्ता है. नाले पर आज तक पक्का रास्ता या पुल नहीं बन सका है. बारिश के दिनों में नाले में पानी बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है. घटना की जानकारी पर बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
















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