फतेहपुर में एक जमीन को दो बार बेचने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का कोर्ट का निर्देश

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रिजवान उददीन,फतेहपुर।
फतेहपुर के अपर सिविल जज (सी०डि०)/ए०सी०जे०एम० कोर्ट संख्या-1 ललिता यादव की अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले को सुना और पीड़ित के अधिवक्ता की दलील पर सम्बन्धित थाने को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिये.

अधिवक्ता मोहम्मद सोहराब खान ने बताया कि पीड़ित आसिया बेगम ने धारा -173(4) बी०एन०एस०एस० के तहत एक वाद दाखिल किया. पीड़ित आसिया बेगम पत्नी एकबाल हुसैन निवासी ग्राम-सरॉय ऐरायां, परगना हथगाँव, थाना-सुल्तानपुर घोष, तहसील खागा, जनपद फतेहपुर की रहने वाली है. पीड़ित ने शिवलाल पुत्र महादेव निवासी ग्राम सराय ऐरायां, परगना हथगाँव, तहसील खागा, थाना सुल्तानपुर घोष, जनपद फतेहपुर से 07 अप्रैल 2010 को खसरा नं0-123/0.6970 हे0 का रकबा 0.2820 हे0 बैनामा कराया था.

मामले के विक्रेता चूंकि अनुसूचित जाति उपजाति पासी के थे, इसलिए विक्रेता ने विक्रय से पहले न्यायालय कलेक्टर फतेहपुर के यहाँ से धारा 157 (क) जमींदारी विनाश अधिनियम के तहत आदेश 30 मार्च 2010 को कराया था. विक्रेता को अपने पुत्र की हाथ की हड्डी का आपरेशन कराने व बेटी की शादी में उधार ली गयी धनराशि को अदा करने हेतु उक्त भूमि पीड़ित को विक्रय किया गया था तथा उक्त भूमि पर पीड़ित काबिज है तथा मामले में उक्त विक्रय की बात पूरे गाँव को मालूम है, परन्तु विक्रेता शिवलाल वर्तमान समय में काफी वृद्ध हो चुके है उनको सुनाई व दिखाई कम देता है.

इसका फायदा उठाते हुए विक्रेता का पुत्र बसन्त लाल अपने व साथियों को धन लाभ के लिये गाँव के मो० जाहिद पुत्र मुरगन अली व जावेद अली पुत्र मंसूर अली निवासीगण ग्राम सरॉय, मजरे ऐरायां सादात, परगना हथगाँव, तहसील खागा, थाना सुल्तानपुर घोष, जनपद फतेहपुर ने कूटरचित तरीके से जो पूर्व में भूमि शिवलाल द्वारा पीड़ित को बेची गयी थी उसे पुनः अविनाश वर्मा पुत्र बृजलाल निवासी नौबस्ता रोड सैदपुरा, मजरे-खरगपुर बरगला, परगना हथगाँव, तहसील खागा, थाना सुल्तानपुर घोष, जनपद फतेहपुर को विक्रय कर देते है. पीड़ित ने जब खतौनी निकलवाकर देखा तो जानकारी हुई कि उक्त रकबा की भूमि जो उसने पूर्व में खरीदी थी वह अविनाश पुत्र बृजलाल के नाम चढ़ गयी है जिसकी शिकायत उसने तहसील में किया तो सम्बन्धित लेखपाल द्वारा पुनः दुरूस्ती करके 17 जुलाई 2026 को उपरोक्त भूमि पीड़ित के नाम चढ़ायी गयी.

पीड़ित काफी परेशान है, क्योंकि उपरोक्त भूमि का बैनामा पूर्व में उसके और बाद में पुनः उपरोक्त लोगों ने यह जानते हुए कि उक्त भूमि विक्रय हो चुकी है उसके बाद भी बैनामा करा लिया जो कि कपटपूर्ण व छल करके कूटरचित दस्तावेज के आधार पर कराया गया है तब पीड़ित ने न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई.

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