चीन के राष्ट्रपति 7 साल बाद भारत पहुंचे, पालम एयरपोर्ट पर उतरा जिनपिंग का विमान

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नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के 72 घंटे के ‘मेगा शो’ का धमाकेदार आगाज हो चुका है. शनिवार और रविवार को होने वाले इस मेगा इवेंट के लिए दुनिया भर के दिग्गज नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. शुक्रवार (11 सितंबर) को भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने वैश्विक आर्थिक मंच पर कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया. आज दोपहर दो बजे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत होगी.

12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ अन्य कई विदेशी अतिथि भी जुटेंगे. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी नई दिल्ली पहुंचे चुके हैं. जिनपिंग का ये दौरा इसलिए खास हो जाता है, क्योंकि वह करीब 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं. नई दिल्ली में आयोजित हो रहे इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पश्चिमी देशों की भी निगाहें टिकी हैं. इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं के बीच ऊर्जा, संचार, तकनीक, परमाणु, तेल, क्लाइमेट समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय पर हो रहा है, जब पश्चिम एशिया युद्ध की आग में जल रहा है. उधर, पिछले कई वर्षों से रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है.

जिनपिंग की यात्रा पर टिकी निगाहें : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा कई मायनों में खास है. साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. इस घटना के कई साल बाद चीनी राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा हो रही है. आज शाम पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच एलएसी, निवेश और दोनों देशों में सीधी उड़ानों जैसे मुद्दों पर खास चर्चा होने की संभावना है. जिनपिंग की इस भारत यात्रा पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं.

बिजनेस फोरम से दुनिया को संदेश: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम का आयोजन हुआ. इस मंच से भारत, रूस और ईरान ने पूरी दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर तंज किया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और यूरोप का दबदबा धीरे-धीरे कम हो रहा है. उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए यह भी कहा कि दुनिया की कुल कमाई (GDP) में 40% से ज्यादा हिस्सा ब्रिक्स देशों का है. वहीं, दुनिया के अमीर माने जाने वाले देशों की कमाई की हिस्सेदारी केवल 29 फीसदी रह गई है.

भारत चौथी बार कर रहा ब्रिक्स की मेजबानी: दिल्ली में आयोजित हो रहे इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन लेकर विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है. यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानवता सर्वोपरि (Humanity First) की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है.

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