ट्रम्प की पार्टी हारी, डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत; राष्ट्रपति बोले- विपक्ष के साथ मिलकर काम करूंगा

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अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 51 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है. वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी पार्टी ने 200 से ज्यादा सीटें जीती हैं.

चुनाव नतीजों के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अब वे राजनीतिक पंडित बनेंगे. वे चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों पर अपनी राय रखेंगे.

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं. शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 203 सीटों पर आगे चल रही है. राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 108 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

सीनेट: सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 23 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं. इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 15 और रिपब्लिकन पार्टी ने 8 सीटें जीती हैं. बाकी 12 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है.

इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 51 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 39 सीटें हैं. सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। यानी डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल की.

गवर्नर: कुल 36 सीटों में से 14 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 10 डेमोक्रेट्स और 4 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं. बाकी राज्यों में वोटों की गिनती जारी है.

विवेक रामास्वामी हारे: भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को अमेरिका के ओहायो राज्य में गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें हराया. ओहायो में करीब 20 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने गवर्नर चुनाव जीता है. एमी एक्टन इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली निर्वाचित महिला भी होंगी.

40 साल के विवेक रामास्वामी ने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारी पेश की थी, लेकिन बाद में अपना नाम वापस लेकर डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया था.

ट्रम्प ने भी ओहायो के गवर्नर चुनाव में रामास्वामी का समर्थन किया था. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके प्रचार के लिए पहुंचे थे. इसके बावजूद रामास्वामी चुनाव नहीं जीत सके.

सुहास सुब्रमण्यम भी हारे: भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम अमेरिका के वर्जीनिया राज्य के 10वें संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया.

40 साल के सुहास सुब्रमण्यम का जन्म टेक्सास के ह्यूस्टन में हुआ था। वह पेशे से वकील हैं. उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर काम किया था. इस दौरान वे तकनीक से जुड़े सरकारी फैसलों और नीतियों पर सलाह देते थे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब वे राजनीतिक ‘पंडित’ बनेंगे और चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार की वजहों पर अपनी राय देंगे.

उन्होंने लिखा, “मैं अच्छा और बुरा, दोनों तरह का राजनीतिक विश्लेषण करूंगा और बताऊंगा कि किन वजहों से उम्मीदवार जीते या हारे.”

पिया दांडिया की जीत: भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने अमेरिका के फ्लोरिडा से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीत लिया है. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया. दांडिया को 51.9% वोट मिले, जबकि असकर को 48.1% वोट मिले.

पिया दांडिया फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से चुनाव जीती हैं. यह नया बनाया गया निर्वाचन क्षेत्र है, जिसमें पाम बीच, ब्रोवार्ड और हेंड्री काउंटी के कुछ इलाके शामिल हैं.

दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ. उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे.

मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब तक रिपब्लिकन पार्टी से सीनेट की 2 और हाउस की 6 सीटें छीन ली हैं। इसके अलावा पार्टी ने जॉर्जिया के गवर्नर पद पर भी जीत दर्ज की है।

सीनेट की 2 सीटें

हाउस की 6 सीटें

दोबारा सीनेट के लिए चुने गए Jon Ossoff

सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 हैं। इसके अलावा 2 निर्दलीय सांसद हैं, जो डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करते हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बीच सीटों का अनुपात 53-47 है।

बहुमत के लिए 51 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। हालांकि, अगर दोनों पार्टियों के पास 50-50 सीटें होती हैं तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस निर्णायक वोट दे सकते हैं।

इस बार सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें 22 सीटें रिपब्लिकन और 13 सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी के पास हैं। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 4 सीटों का शुद्ध फायदा उठाना होगा।

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।

इस बार हाउस की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए। जिस पार्टी को 218 या उससे ज्यादा सीटें मिलेंगी, वह सदन में बहुमत हासिल कर लेगी।

इस तरह मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को दोनों सदनों में अपना बहुमत बचाना होगा, जबकि डेमोक्रेट्स की कोशिश दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने की होगी।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि वे मिडटर्म चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, उन्होंने कहा,

मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। उनके साथ काम करने को लेकर हम उत्साहित हैं। उम्मीद है कि हम कोई रास्ता निकाल लेंगे।”

राष्ट्रपति ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने के बाद पहली बार बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं था। अगर मैं उम्मीदवार होता, तो हम बहुत बड़े अंतर से जीतते!’

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