धनतेरस पर कोई जरूरी नहीं सोना-चांदी ही खरीदें, शुभ संयोग में चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य

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इस साल धनतेरस का त्योहार शुक्र प्रदोष के संयोग में मनाया जाएगा. 6 नवंबर को शुक्रवार है और धनतेरस पर पूजा और खरीदारी के लिए प्रदोष काल को सबसे उत्तम समय माना गया है. शुक्रवार का दिन माता महालक्ष्मी को समर्पित है. इस शुभ संयोग में कुबेर, धन्वंतरी और मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी. धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा भी है. लेकिन अगर आपका बजट कम है तो आप पीतल या तांबे का बर्तन या खड़ा धनिया जैसी चीजें भी खरीद सकते हैं.

धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त इस बार धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 5:49 बजे से लेकर रात 8:23 बजे तक रहेगा. धनतेरस की पूजा के लिए प्रदोष काल को सर्वोत्तम समय बताया गया है. यानी इस बार धनतेरस पर कुबेर, लक्ष्मी और धन्वंतरी की पूजा के लिए करीब ढाई घंटे का शुभ मुहूर्त रहने वाला है.

1-शुभ चौघड़िया मुहूर्त: सुबह 8:16 बजे से 9:48 बजे तक2.
2-अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
3-प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 49 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक

खरीदारी का शुभ मुहूर्त: इस वर्ष धनतेरस के दिन कई शुभ संयोग भी रहने वाले हैं. इस दिन मालव्य राजयोग, शुक्र प्रदोष योग, विष्कुंभ योग और हस्त नक्षत्र रहने वाला है. यह दुर्लभ स्थिति चार राशियों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है. आइए जानते हैं कि धनतेरस का पर्व किन राशियों की किस्मत खोलने वाला है.

मिथुन राशि: धनतेरस आर्थिक मोर्चे पर आपके लिए बहुत अच्छा दिखाई दे रहा है. कामकाज में मनचाही सफलता मिलने के योग बन रहे हैं. व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा हो सकता है. लंबी यात्राएं लाभ देंगी. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है. इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. धनतेरस के आसपास किए गए प्रयासों से कामकाज में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. कुल मिलाकर, यह समय आर्थिक मामलों में राहत और आगे बढ़ने के नए अवसर दे सकता है.

सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए भी धनतेरस कई खुशियों की सौगात और उन्नति के अवसर लेकर आ रहा है. परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है. कारोबार करने वाले जातक नए लोगों के साथ मिलकर किसी नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं. इससे व्यापार को आगे बढ़ाने के रास्ते खुल सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय सकारात्मक रह सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी और नौकरी से जुड़े प्रयास सफल हो सकते हैं.

मकर राशि: मकर राशि वालों के परिवार में नई खुशियां की दस्तक होगी और मन प्रसन्न रहेगा. आर्थिक मामलों में पुराने धन की वापसी के संकेत हैं. भाग्य का साथ मिलने से कई कामों में मनचाही सफलता मिल सकती है. इस दौरान आपके प्रयासों को सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है. विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे रिश्ते आने की संभावना है. विवाह से जुड़ी बातचीत को परिवार की ओर से मंजूरी भी मिल सकती है.

मीन राशि: नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है. नए लोगों के साथ काम शुरू करने का अवसर भी मिल सकता है. इस दौरान कामकाज से जुड़े मामलों में भाग्य का साथ मिलने की संभावना है. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और उनके साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा. घर और बाहर मान-सम्मान बढ़ सकता है. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहने के संकेत हैं.

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ होता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. महालक्ष्मी के हिरण्य यानी स्वर्ण स्वरूप और चांदी से जुड़े स्वरूप का उल्लेख करते हुए इस दिन सोना-चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा बताई जाती है. हालांकि हर व्यक्ति के लिए कीमती धातुएं खरीदना संभव नहीं होता है. ऐसे में सामर्थ्य के अनुसार पीतल या तांबे का बर्तन भी खरीदा जा सकता है. इसके अलावा धनतेरस पर खील और साबुत धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है.

कैसे हुआ भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य? धन त्रयोदशी से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. उन्हें आयुर्वेद का प्रवर्तक और आरोग्य का देवता माना जाता है. भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य मानव जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा माना जाता है. श्रीमद्भागवत पुराण के अष्टम स्कंध में समुद्र मंथन की कथा का वर्णन मिलता है. इसी कथा से भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य की मान्यता जुड़ी हुई है. उनके हाथ में अमृत कलश था, जिसे जीवन की रक्षा और अमरत्व के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. इसी वजह से धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. इनकी पूजा करके लोग आरोग्य और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं.

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