कानपुर चिड़ियाघर में तेंदुए के बाद सबसे बूढ़े बाघ प्रशांत की मौत, मैन ईटर के नाम से था मशहूर

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कानपुर चिड़ियाघर में गुरुवार सुबह चिड़ियाघर के सबसे उम्रदराज बाघ प्रशांत ने दुनिया को अलविदा कह दिया. इससे पहले बुधवार को तेंदुए श्याम ने दम तोड़ दिया था. कानपुर जू के प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि दोनों ही वन्यजीव अपनी औसत उम्र पूरी कर चुके थे और पिछले महीने से बीमार चल रहे थे.

चिड़ियाघर में ही होगा अंतिम संस्कार

कानपुर जू के रेंज अफसर नावेद इकराम ने बताया कि श्याम का बुधवार देर शाम ही जू परिसर में अंतिम संस्कार किया गया. वहीं प्रशांत का अंतिम संस्कार गुरुवार यानी आज को अस्पताल परिसर में किया जा रहा है.. तेंदुआ श्याम के विसरा को जांच के लिए IVRI बरेली भेजा गया है.

कानपुर जू में रोजाना 50 हजार टूरिस्ट पहुंचते हैं

2013 में तेंदुए और 2009 में प्रशांत को जू लाया गया कानपुर जू के रेंज अफसर नावेद इकराम ने बताया कि तेंदुआ श्याम को नवंबर, 2013 में बहराइच से रेस्क्यू करके कानपुर जू लाया गया था. उस समय तेंदुआ श्याम की उम्र केवल 6 साल थी. इसके बाद लगभग 11 सालों तक श्याम कानपुर जू में रहा. फर्रुखाबाद से किया गया था रेस्क्यू बाघ प्रशांत को 5 साल की उम्र में फर्रुखाबाद से रेस्क्यू कर यहां लाया गया था.

मौजूदा समय में प्रशांत की उम्र 19 साल थी. प्रशांत को मैनईटर कहा जाता था। उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था. प्रशांत के सभी दांत टूट गए थे प्रशांत के सारे दांत टूट गए थे और उसे खाना खाने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था जबकि तेंदुआ श्याम पिछले पैरों से चलने में पूरी तरह से असमर्थ था. दोनों ही वन्यजीवों के बीमार होने से उनकी मौत बताई गई है.

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