झांसी के मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. एनआईसीसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) वार्ड में भीषण आग लगने से 10 नवजात बच्चों की झुलकर मौत हो गई. सीएम योगी के निर्देश पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य झांसी पहुंचे. हादसे की जाँच कर 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. ये दर्दनाक हादसा रात साढ़े बजे के आसपास हुआ. हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. सरकार ने मुजावजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.
उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक बच्चों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. वार्ड में 54 से ज्यादा बच्चे भर्ती थे. आग पर काबू पा लिया गया है.

जांच का आदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आग लगने के कारणों की जांच का आदेश दे दिया है. बताया जा रहा है कि बिजली की ओवरलोडिंग की वजह से शार्ट सर्किट हुआ और ये आग लग गई. घटना की त्रिस्तरीय जांच की जा रही है. फायर अफसर के मुताबिक बिजली की ओवर लोडिंग से आग लगने की सबसे ज्यादा संभावना मानी जा रही है. कुछ लोग वार्ड में सिलेंडर फटने की बात भी कह रहे हैं.

47 बच्चे भर्ती थे, 10 की हो गई मौत
वार्ड में 47 बच्चे ही थे, जिनमें से दस की मौत हो गई और 37 रेस्क्यू कर लिए गए. मेडिकल कॉलेज के इस हिस्से की बिजली काट दी गई थी। वार्ड में पूरी तरह धुआं भरा हुआ था जिससे दमकल कर्मियों को काम करने में दिक्कत आ रही थी.















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