झांसी हादसे की होगी मजिस्ट्रेटी जांच, Dy CM ब्रजेश पाठक का ऐलान-‘किसी को बक्शा नहीं जाएगा’

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 झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वार्ड में लगी आग में 10 नवजात बच्‍चों की मौत हो गई. हादसे में रेस्‍क्‍यू किए गए बच्‍चों में से सात की हालत नाजुक बताई जा रही है. इस बीच मारे गए 10 बच्‍चों में से सात की पहचान कर ली गई है. अन्‍य तीन बच्‍चों का डीएनए टेस्‍ट कराया जाएगा. डिप्‍टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया कि घटना की मजिस्‍ट्रेटी जांच कराई जाएगी. इसके अलावा विभागीय जांच भी कराई है. उन्‍होंने कहा कि इस घटना की तह तक पहुंचा जाएगा ताकि भविष्‍य में इसकी पुनरावृति को रोका जा सके. उन्‍होंने कहा कि प्रथमदृष्‍टयता पता चला है कि यह हादसा शार्ट सर्किट से हुआ.

उधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) सचिन माहौर ने घटना को लेकर कहा कि एनआईसीयू में कुल 54 नवजात शिशु भर्ती थे. रात करीब 10:30 से 10:45 के बीच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. आग तेजी से फैल गई, जिससे अंदर वाले यूनिट में ज्यादा नुकसान हुआ.

फायर अलार्म और वॉटर स्प्रिंकलर ने काम नहीं किया, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई. अस्पताल के फायर एक्सटिंग्विशर एक से तीन साल पहले एक्सपायर हो चुके थे. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सिलेंडर काम नहीं कर रहे थे. यहां तक कि आग बुझाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं थी.

जब आग तेजी से फैल रही थी तो नर्सिंग स्टाफ ने नवजातों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. कई नवजातों को दूसरी यूनिट में शिफ्ट किया गयास, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि 10 मासूमों को बचाया नहीं जा सका. इस हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज में मातम का माहौल है.

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