नौ साल के बाद 15 दिसंबर की रात सबसे सर्द रही। 24 घंटे के अंदर न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा. इसके पहले इतना कम न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री 15 दिसंबर, वर्ष 2015 में रहा है. अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य औसत से कम रहे हैं. सूखी सर्द पछुवा ने माहौल में गलन बढ़ा दी है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा में निरंतरता बनी हुई है. इससे तापमान नीचे गिर रहा है और ठंड बढ़ रही है. आने वाले दिनों में भी यही स्थिति रहेगी.

हवा के बराबर चलते रहने से धुंध भी कम है। रविवार सुबह दृश्यता दो किमी की तुलना में 1200 मीटर रही है. दिन का अधिकतम तापमान सामान्य औसत से 1.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा है. पछुवा का रुख न बदलने की वजह से पारा और नीचे आने का अनुमान है. इसके साथ ही गलन में इजाफा होता जाएगा.
आ सकते हैं बादल
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना रहा है. इससे चक्रवाती घेरा भी बनेगा. इसका प्रभाव दक्षिण भारत के राज्यों में अधिक रहेगा लेकिन इसके प्रभाव से कानपुर परिक्षेत्र में बादल आ सकते हैं और नमी बढ़ेगी. बादल आने से दिन का पारा और नीचे आ सकता है. धूप कम होने से ठंडक बढ़ेगी.
बूंदाबांदी के भी आसार
उन्होंने बताया कि बादल के साथ बूंदाबांदी के भी आसार है. जेट स्ट्रीम के नीचे होने की वजह से हवाओं की दिशा में निरंतरता बनी हुई है. इसके साथ ही जेट स्ट्रीम अपने साथ नमी भी ला रही हैं. वहीं सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस वक्त सूखी सर्द पछुवा चल रही है. इसके साथ ही माहौल में नमी बढ़ी है. 24 घंटे के अंदर नमी में 33 फीसदी ब़ढ़ोत्तरी हुई है. उन्होंने बताया कि अभी आसमान साफ है, बादल नहीं हैं. इससे रात का तापमान गिर रहा है. बादल आने के बाद दिन का तापमान गिरेगा और रात के तापमान में इजाफा होगा.
















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