पीलीभीत में एनकाउंटर के बाद लखनऊ में सोमवार सुबह-सुबह हाफ एनकाउंटर की खबर सामने आई है. हाफ एनकाउंटर में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले बदमाश को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया. दो और साथियों को गिरफ्तार किया गया हैं. इन सब पर बैंक में चोरी करने का आरोप है. इन सबके पास से बैंक चोरी के माल भी बरामद किए गए हैं. वहीं इससे पहले पीलीभीत में तीन आतंकवादियों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है. एनकांउटर में मारे गए तीनों आतंकी खालिस्तान कमांडो फोर्स के सदस्य थे. उनके पास मिली दो एके-47 गन, दो ग्लॉक पिस्टल और 100 के करीब कारतूस मिले हैं.
लखनऊ पुलिस के मुताबिक, हाफ एनकाउंटर चिनहट के लौलाई इलाके में जलसेतु के पास किया गया. चेकिंग के अभियान के दौरान यहां एनकाउंटर किया गया। इस एनकाउंटर में अरविंद कुमार नाम का एक बदमाश घायल हो गया, जबकि बलराम कुमार और कैलाश बिंद को भी पकड़ा गया है. घायल को पुलिस अस्पताल ले गई है. घायल पकड़ा गया बदमाश अरविंद बिहार के मुंगेर का रहने वाला है. पुलिस ने एक 315 बोर का कट्टा और एक बिना नंबर की सफेद रंग की बरामद की. वहीं बलराम भागलपुर का और कैलाश बिंद मुंगेर के रहने वाला है. इन सबके पास से चोरी किए गए माल बरामद किए गए हैं.
दरअसल, लखनऊ में आयोध्या हाईवे पर मटियारी तिराहे के पास शनिवार देर रात इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) शाखा में नकाबपोश चोरों ने धावा बोलकर 42 लॉकर काट डाले और अंदर रखे सोने-चांदी और हीरे के करोड़ों के जेवर पार कर भाग निकले. चोर एक खाली पड़े प्लॉट से बैंक से सटे फर्नीचर कारखाने में कूदे. कटर से कारखाने और बैंक की दीवार काटकर रात करीब 12:30 बजे अंदर दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में चार कैद हुए हैं. बैंक सुरक्षा अलार्म नहीं बजा। रविवार को बैंक शाखा बंद था। सुबह करीब 11:30 बजे फर्नीचर व्यवसायी जफर अली ने कारखाने पहुंचे तो बैक के पिछले हिस्से की दीवार कटी दिखी. उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो तो पता चला कि चोर दीवार काटकर बैंक के अंदर दाखिल हुए थे. इसके बाद स्ट्रांग रूम में लगा लोहे का मोटा दरवाजा और फिर लॉकर काटा. करीब तीन घंटे से ज्यादा वक्त में लॉकर काटे और तड़के करीब चार बजे माल समेट कर भाग निकले।.
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज सिंह, एसीपी विभूतिखंड राधा रमण ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. बैंक मैनेजर संदीप सिंह और कर्मचारी भी पहुंच गए. डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए. खोजी डॉग बैंक के 50 मीटर आगे गलियारे और खाली प्लॉट के गेट तक गया और वहीं घूमता रहा.















Leave a Reply