राजस्थान की राजधानी जयपुर में गैस लीक होने से हड़कंप मचने की खबर सामने आई है. घटना एक गैस फिलिंग प्लाट में गैस के रिसने के कारण हुई है. इससे आसपास के हिस्से में सफेदी की चादर जम गई है. गैस लीक होते ही चारो तरफ अफरा तफरी का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही सिविल डिफेंस, पुलिस समेत फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला, क्योंकि बीते दिनों हाइवे पर हुए टैंकर हादसे के जख्म अभी भरे भी नहीं थे.
घटना शहर के विश्वकर्मा इलाके की रोड नंबर 18 पर स्थित गैस फिलिंग प्लांट में रिसाव का है. बताया जा रहा है कि प्लांट की टंकियों में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस भरी थी. इसका ही रिसाव होने लगा और चारो तरफ सफेदी की चादर छा गई. आनन-फानन में सिविल डिफेंस की टीम को बुलाया गया. मौके पर पहुंची टीम ने टंकी का वाल्व बंद किया और तब जाकर गैस का रिसाव रुका.

टीम ने टंकियों के वाल्व तो बंद कर दिए थे, लेकिन तब तक काफी मात्रा में गैस लीक हो चुकी थी. इस कारण आसपास खड़ी गाड़ियों, मकानों, बिल्डिगों, सड़कों और पेड़-पौधों पर सफेद की चादर जम गई थी. फिलहाल इस लीकेज को नियंत्रित कर लिया गया है. किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन गैस के रिसाव से आसपास मौजूद लोग घबरा गए थे, क्योंकि बीते दिनों जयपुर में गैस लीक होने से भयंकर हादसा हुआ था. हाइवे पर हुए उस हादसे में घटना के बाद से धीरे-धीरे करके 20 लोगों की मौत हो गई थी.
कार्बन डाईऑक्साइड गैस का इस्तेमाल आमतौर पर अग्निशामक यंत्रों में होता है. इसका इस्तेमाल मेडिकल यूज में भी काफी मात्रा में होता है. ड्राई आइस यानी कार्बन डाईऑक्साइड का इस्तेमाल आइसक्रीम और जमे हुए भोजन को ठंड़ा रखने के लिए भी होता है. इसके अलावा हम लोग सांस लेने के दौरान जो गैस छोड़ते हैं, वह भी कार्बन डाई ऑक्साइड होती है.
















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