पंजाब के अमृतसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति पर चढ़ हथौड़े से मारने की घटना सामने आई है. इसे लेकर सियासी हंगामा मचा हुआ है. अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर की ओर जाने वाली हेरिटेज स्ट्रीट पर टाउन हॉल में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि घटना को लेकर एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया. आगे की जांच जारी है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें व्यक्ति को लंबी स्टील की सीढ़ी का उपयोग करके हथौड़ा लेकर प्रतिमा पर चढ़ते देखा जा सकता है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि घटना बेहद निंदनीय है और किसी को भी माफ नहीं किया जाएगा. मान ने कहा, ‘इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे कड़ी सजा दी जाएगी. किसी को भी पंजाब का भाईचारा और एकता बाधित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को इस घटना की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
गरमाई सियासत, साजिश का दावा: विपक्ष के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. कुछ नेताओं ने कहा कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है जिसकी गहन जांच होनी चाहिए. कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख व पार्टी सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है. वडिंग ने मांग की और कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता तरुण चुग ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए.
अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना: बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘एक तरफ पूरे देश में बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी जा रही है और भारतीय संविधान को सम्मानपूर्वक याद किया जा रहा है, वहीं पंजाब के अमृतसर में एक व्यक्ति ने बाबा साहब आंबेडकर की 30 फीट ऊंची प्रतिमा को हथौड़े से क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की. चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटना उस पंजाब में हुई है, जहां आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में है, जो खुद को बाबा साहब आंबेडकर की विचारधारा का समर्थक बताती है. दलित समाज के इस अपमान के लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं. जो सरकार बाबा साहब आंबेडकर का सम्मान नहीं कर सकती, उससे दलित समाज की भलाई की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है?’ उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी पिछले 10 वर्षों में अरविंद केजरीवाल ने दलित समाज का शोषण किया है. उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनके सम्मान और अधिकारों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
शर्मनाक घटना की साजिश का पता लगाना जरूरी: शिअद शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी घटना की कड़ी निंदा की और घटना की साजिश का पता लगाने के लिए गहन जांच की मांग की. बादल ने एक्स पर लिखा, ‘गणतंत्र दिवस पर श्री अमृतसर साहिब में हैरिटेज स्ट्रीट पर डॉ. बीआर आंबेडकर जी की प्रतिमा की बेअदबी के प्रयास की कड़ी निंदा करता हूं. इस जघन्य कृत्य ने लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. मैं अपराधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और इस शर्मनाक घटना की साजिश का पता लगाने के लिए गहन जांच की मांग करता हूं. आइए, हमारे समाज में विभाजन पैदा करने के ऐसे घृणित प्रयासों के खिलाफ एकजुट हों.’
भड़कीं मायावती, दिल्ली चुनाव से जोड़ा: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ने के प्रयास की निंदा की है. उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली के मतदाता खासकर आप, कांग्रेस व भाजपा के दोहरे चाल-चरित्र से सबक लेते हुए केवल आंबेडकरवादी पार्टी बसपा को ही वोट देकर मजबूत बनाएं. बसपा प्रमुख ने एक्स पर कहा, ‘संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास हैरिटेज स्ट्रीट में स्थापित प्रतिमा खण्डित करने और वहां संविधान की किताब के नजदीक आग लगाने का प्रयास शर्मनाक है. इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है.’ उन्होंने मांग रखी कि पंजाब सरकार इस अप्रिय घटना को अति-गंभीरता से लेकर ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटना की दोबारा ना हो.
















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