UP के मेरठ में पति की गला घोट कर हत्या करने और फिर जुर्म को छुपाने के लिए सांप से कटवाने का स्वांग रचने के मामले में नया मोड़ उसे वक्त आ गया जब पता यह चला कि जिस वाइपर सांप से पति अमित को कटवाया गया था, उसके जहरीले दांत ही नहीं थे यानि उसके जहर की थैली (Poison Gland) ही नहीं थी इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह था की मौत के बाद भी अमित का शरीर नीला नहीं पड़ा और जो साथ डंसने से देखने से घाव के निशान थे वह भी दूसरी तरह के थे.

ऐसी स्थिति और इन हालात में अमित के घरवालों का शक गहराता चला गया। इसके बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पूरी तस्वीर साफ हो गई। गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि हुई। हत्या करने वाली मृतक की पत्नी निकली। उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति अमित की हत्या की थी। पत्नी रविता का अफेयर कैसे हुआ? अमित को मारने की साजिश कैसे रची? कैसे घरवालों का शक हत्या की तरफ गया?
12 अप्रैल की रात अमित को मारा गया मेरठ-पौड़ी हाईवे से करीब 4 किलोमीटर अंदर गांव है अकबरपुर सादात यहां रहने वाला 25 साल का अमित कश्यप उर्फ मिक्की टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था. 13 अप्रैल की सुबह अमित घर की गैलरी में चारपाई पर सो रहा था. जब वह नहीं उठा, तो घरवाले वहां पहुंचे। उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी. उन्हें अमित के शरीर के बगल में एक जिंदा सांप मिला। जिस रात (12 अप्रैल) घटना हुई, घर में सिर्फ 3 सदस्य मौजूद थे। मृतक, उसकी पत्नी रविता और लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) पिता विजयपाल.
सपेरे और डॉक्टरों ने शक जताया, तब कराया पोस्टमॉर्टम: मीडिया टीम जब घर पहुंची तो वहां लोगों का जमावड़ा लगा था. घर के सामने एक छप्पर के नीचे मृतक अमित के पिता विजयपाल कश्यप बैठे मिले. वो पिछले डेढ़-दो साल से पैरालाइज्ड हैं। विजयपाल बताते हैं- मैं उस रात अमित के बराबर वाले कमरे में सो रहा था. सुबह-सुबह सांप-सांप का शोर मचा। सांप पकड़ने के लिए मोहम्मदपुर गांव से सपेरे बुलाए गए. सपेरों ने देखा कि सांप मेरे बेटे की कमर के नीचे दबा हुआ था. सांप का मुंह और पूंछ कमर के दोनों तरफ बाहर निकले हुए थे, जबकि बाकी हिस्सा कमर के नीचे था. शरीर के नीचे दबने से सांप बाहर नहीं निकल पा रहा था.
मीडिया टीम ने पूछा कि अमित की मौत पर संदेह कैसे हुआ? इस पर विजयपाल बताते हैं- बेटे के शरीर पर काफी निशान थे. ऐसा लग रहा था, जैसे छीना-झपटी हुई हो. नाखून से खुरचने के निशान बने थे. गले पर भी हमें कुछ निशान दिखाई दे रहे थे. हम अमित को कई अस्पतालों में ले गए. वहां भी डॉक्टरों ने बॉडी देखकर यही बताया कि ये सांप के काटने से मौत का मामला नहीं है. इसके बाद हमने उसका पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया, और उसके बाद सारा सच सामने आ गया.















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