अयोध्या राम मंदिर में प्रथम तल पर रामदरबार की प्राण प्रतिष्ठा की गई. साथ ही सात मंदिरों में देव विग्रहों की भी प्राण प्रतिष्ठा भी की गई है. गंगा दशहरा पर गुरुवार को भगवान रामेश्वरम की स्थापना के शुभ अभिजित मुहूर्त पूर्वाह्न 11:30 बजे से मध्याह्न 12 बजे के मध्य सभी देव विग्रहों में प्राणों का आधान किया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अलग-अलग संतों ने भगवान का नेत्रोन्मिलन कराकर उनके प्राकट्य की पहली आरती की. इसके साथ तीन दिवसीय अनुष्ठान की पूर्णाहुति हुई. राम मंदिर के दूसरे प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव का मुख्य पर्व गुरुवार को मनाया गया. इसके लिए पूरे परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया. मुख्यमंत्री योगी राम दरबार में पूजन के बाद सभी सातों मंदिरों में भी जाकर पूजन करेंगे. मुख्यमंत्री व संतों के साथ करीब एक हजार विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया था.
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए थे. 22 जनवरी को भगवान राम के ‘बाल रूप’ की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ की गई थी, अब आज गंगा दशहरे के मौके पर अयोध्या में राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा की गई है. इस आयोजन में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल रहे.
रामलला के गर्भगृह के ऊपर यानी फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार बनाया गया है इसमें श्रीराम, मां सीता, तीनों भाई- लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के साथ-साथ हनुमानजी की मूर्ति हैं. काशी के पुरोहित जय प्रकाश त्रिपाठी ने 101 पंडितों ने प्राण प्रतिष्ठा कराई. मंत्रोच्चारण के बाद मूर्तियों की आंखों पर बंधी पटि्टयां खोली गईं और उन्हें आईना दिखाया गया.
रामदरबार के लिए सूरत के कारोबारी मुकेश पटेल ने हीरे, सोने-चांदी के आभूषण दान दिए हैं. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नेवादिया ने कहा- दान दिए आभूषणों में एक हजार कैरेट का हीरा, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, 300 कैरेट रुबी से 11 मुकुट बनाए गए हैं.

इनके अलावा, गले का हार, कान के कुंडल, माथे का तिलक, चारों भाइयों के लिए धनुष-बाण हैं. इन आभूषणों को चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या लाया गया. इसे राम मंदिर ट्रस्ट को दान किया गया. 22 जनवरी 2024 यानी 498 दिन पहले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी.
















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