अखिलेश यादव के करीबी महेंद्र राजभर पर मंगलवार को हमला हो गया. जौनपुर में महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव कार्यक्रम में एक नेता ने पहले महेंद्र राजभर की तारीफ में भाषण दिया. फिर माला पहनाई। इसके बाद उनके गाल पर कई तमाचे जड़ दिए.



उस वक्त लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, पूरा घटना कैमरे में कैद हो गई. अचानक हुए इस हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. महेंद्र राजभर ने भी थप्पड़ मारने वाले पर हमला करना चाहा, लेकिन कार्यकर्ताओं ने दोनों को अलग-अलग किया। इस दौरान धक्का-मुक्की जमकर हुई.
आरोपी का नाम बृजेश राजभर और वाराणसी के बाबतपुर का रहने वाला है. वह महेंद्र राजभर की सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी का पूर्व प्रदेश अध्यक्ष है. हमले के बाद वह वाराणसी फरार हो गया.
पीड़ित महेंद्र ने आरोपी के खिलाफ जलालपुर थाने में शिकायत की. आरोप लगाया कि धन उगाही के चलते ब्रजेश को पार्टी से निकाल दिया था. यह हमला उसने मंत्री ओम प्रकाश राजभर के इशारे पर किया है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.
महेंद्र राजभर, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं लेकिन, 2021 में अलग हो गए थे. इसके बाद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी बना ली थी. लेकिन 2 मई को सपा में शामिल हो गए.
सुभासपा ने आज, 10 जून को महाराजा सुहेलदेव का विजयोत्सव मनाया. बहराइच समेत पूर्वांचल के जिन जिलों में सुभासपा का प्रभाव है, वहां आज कार्यक्रम हुए। सीएम योगी और मंत्री ओम प्रकाश राजभर खुद बहराइच में थे.
जौनपुर में भी विजयोत्सव मनाया गया. बैकग्राउंड में महाराजा सुहेलदेव की बड़ी होर्डिंग लगी थी। महेंद्र राजभर यहां पूजा-पाठ में शामिल हुए.
वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले बृजेश राजभर ने महेंद्र राजभर की तारीफ में भाषण दिया. कहा- ‘जब अपने लोग सत्ता में गए, तो अपने लोगों की पैरवी नहीं की. खुद की सेवा की। अपने बेटे अपने परिवार के लिए काम किया. चक्रवती सम्राट महाराज सुहेलदेव के नाम को केवल बेचा जा रहा है. कुछ ऐसे आततायी जो समाज को लूट रहे हैं, ऐसे ही आततायी लुटेरों का हम लोग परित्याग करेंगे.’
इसके बाद बृजेश राजभर महेंद्र राजभर को माला पहनाई. उस वक्त महेंद्र राजभर के चेहरे पर मुस्कान नजर आती है. तभी महेंद्र राजभर ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया. महेंद्र को एक के बाद एक कई थप्पड़ मारे. यह देख मौके पर अफरा-तफरा मच गई। कार्यकर्ताओं ने दोनों को अलग-अलग किया.

ये तस्वीर 2 मई की है. महेंद्र राजभर ने सपा जॉइन की थी. उन्होंने अखिलेश यादव को डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा भेंट की थी.
महेंद्र राजभर बोले- 5 दिन पहले ब्रजेश मंत्री राजभर से मिला था: महेंद्र राजभर ने बताया, जलालपुर थाना क्षेत्र के आशापुर गांव में भूमि पूजन का कार्यक्रम था, जहां मुझे सुहेलदेव जी की मूर्ति का अनावरण करना था. लोगों ने सलाह दी कि पहले भूमि पूजन कर लिया जाए, बाद में चंदा इकट्ठा करके सुहेलदेव जी की मूर्ति रखने की तैयारी कराई जाए। मुझे मुख्य अतिथि बनाया गया था.
कार्यक्रम अच्छा चल रहा था। आखिरी में मुझे बोलना था, तभी बृजेश राजभर आए और माला पहनकर मेरे ऊपर हाथ उठा दिया.
महेंद्र राजभर ने कहा, बृजेश राजभर न तो किसी का सहयोगी हो सकता है और न ही किसी का पक्षधर. मेरे और बृजेश के बीच कोई मनमुटाव नहीं था. वह सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी की ताकत को बढ़ाने के लिए विभिन्न जनपदों में तमाम कार्यक्रम करता है और कार्यकर्ताओं को सहेजता है.
बृजेश राजभर के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी गई है और इंस्पेक्टर से मुलाकात की है. उन्होंने कहा, बृजेश राजभर ने प्री प्लानिंग के तहत इस काम को अंजाम दिया है. बृजेश राजभर ने 5 दिन पहले भाजपा सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की थी. उनके इशारे पर बृजेश ने हमला किया.
माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा के सिंबल पर लड़ा था चुनाव: महेंद्र राजभर 2017 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा में थे. मऊ में माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था. तब भाजपा और सुभासपा के बीच गठबंधन था। चुनाव में महेंद्र राजभर, मुख्तार अंसारी से लगभग 6000 वोट से हार गए थे.
2017 चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मऊ की एक जनसभा में ‘कटप्पा’ का खिताब दिया था, कहा था कि यही कटप्पा बाहुबली का सफाया करेगा.















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