कानपुर में DM और CMO की जंग पहुंची शासन की चौखट तक, वायरल ऑडियो आया सुर्ख़ियों में

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कानपुर में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य चिकित्साधिकारी हरिदत्त नेमी की तकरार अब शासन की चौखट तक पहुंच गयी है. DM सिंह ने जहां CMO के तबादले के लिए शासन को पत्र लिखा वहीँ CMO का कथित ऑडियो शोशल मीडिया से खूब वायरल होकर सचिवालय के गलियारों तक सोना जा रहा है हालांकि CMO नेमी ने इससे साफ़ इनकार किया कि यह उनकी आवाज़ है.

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ को हटाने की संस्तुति की है. उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखा कि सीएचसी-पीएचसी, कांशीराम अस्पताल के निरीक्षण में मिलीं खामियों में सुधार करने और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश देने के बाद भी सीएमओ हरिदत्त नेमी ने कोई कार्रवाई नहीं की. वह डॉक्टरों के मनमाने तबादले भी कर रहे हैं.

डीएम ने पत्र में लिखा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रिक्त पदों का विज्ञापन संबंधित विभाग की वेबसाइट पर जारी नहीं किया गया. इसके साथ ही साक्षात्कारों का परिणाम भी चार दिन के अंदर प्रस्तुत नहीं किया. वित्त एवं लेखा सेवा से नामित वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. वंदना सिंह को वित्तीय परीक्षण एवं पदेन कार्यों से हटा दिया.

10 दिन के अंदर नौ बार तबादले के आदेश किए जारी: उनके स्थान पर गैर वित्त सेवा कर्मी को नामित कर दिया. यही नहीं डॉ. आरएन सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी समेत अन्य डॉक्टरों के 10 दिन के अंदर नौ बार तबादले के आदेश जारी कर दिए. इसके साथ यह भी संज्ञान में आया कि सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी कर्मचारियों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न तथा भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा दे रहे हैं.

प्रशासनिक नियंत्रण अत्यंत लचर व शिथिल: तीन माह में जनपद की शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि सीएमओ का प्रशासनिक नियंत्रण अत्यंत लचर व शिथिल है. निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, लापरवाह व चिकित्सा अभिलेखों में मरीजों की फर्जी प्रविष्टियां करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह सभी मामले गंभीर हैं. इनको संज्ञान में लेकर कार्रवाई करें.

क्या है CMO डॉक्टर नेमी के कथित ऑडियो में: इधर CMO डॉक्टर नेमी ने का जो कथित ऑडियो वायरल हो रहा है उसमे कहा गया है कि यूपी के 75 जिलों में से यही एक ऐसा डीएम है, जो ढोल बजा रहा है. मैंने आज तक ऐसा डीएम देखा ही नहीं. पहले यह मीडिया में रहे हैं. मीडियावालों की आदत होती है कि इतनी-सी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बोलते हैं.

बिना वजह बीच-बीच में दुनिया भर की कहानियां, किस्से सुनाते हैं. मीटिंग 20 मिनट की होती है, तो दो घंटे तक खींच देते हैं. किसी भी बात को जरूरत से ज्यादा बढ़ाकर कहते हैं. महिला कर्मचारी भी उनसे परेशान हैं. किसी दिन कपड़े फटेंगे. कानपुर डीएम की कार्यशैली को लेकर दो ऑडियो सामने आए हैं. दावा किया जा रहा है कि ये दोनों ऑडियो मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी के बताए जा रहे हैं.

हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है। कहा- ऑडियो में मेरी आवाज नहीं है. मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है. आजकल AI से कुछ भी किया जा सकता है.

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