कानपुर में ATM से 1.39 करोड़ निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़: कंपनी के कस्टोडियन समेत 3 गिरफ्तार

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कानपुर में किदवई नगर पुलिस ने एटीएम में रुपये जमा करने वाली कैश रिसाइक्लिंग मशीन (सीआरएम) में चाभी लगा कर करीब 1.39 करोड़ रुपए निकालने वाले तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक आरोपी एटीएम में कैश जमा करने वाली हिताची सर्विसेज कंपनी का कस्टोडियन है जिसके पास ATM खोलने वाली चाबी रहती थी.

DCP जितेंद्र चौधरी ने बताया कि आरोपियों ने सीसामऊ और किदवई नगर स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा ब्रांच से 1 माह के भीतर एक करोड़ 39 लाख रुपए निकाले हिताची कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर ने किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कराई थी जिसके बाद इस घटना का खुलासा हुआ.

आरोपियों पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई: पुलिस ने आरोपियों के पास से 19.15 लाख कैश, एक एटीएम और घटना में प्रयोग करने वाली कार जब्त की. आरोपियों ने पार किए कैश से ज्वैलरी खरीदी थी मामले में कोयलानगर निवासी तीन भाइयों के नाम भी सामने आए हैं, जो आरोपियों को एटीएम खाली करने का दिशा निर्देश देने का साथ एटीएम खाली करते थे. पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है. डीसीपी साउथ ने बताया आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी.

असिस्टेंट मैनेजर ने 16 मई को दर्ज कराई थी रिपोर्ट: डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बैंकों के एटीएम मशीनों को संचालित और कैश डालने वाली कंपनी हिताची पेमेंट सर्विसेज के फ्रॉड एंड रिस्क डिपार्टमेंट के असिस्टेंट मैनेजर घनश्याम ओमर ने किदवई नगर थाने में 16 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि किदवई नगर जी ब्लॉक में लगे बैंक ऑफ बड़ौदा की सीआरएम(ऐसी मशीन जिसमें कैश जमा व निकासी की जा सकती है) में 21 मार्च 2025 से 24 अप्रैल तक 1 करोड़ 38 लाख 91 हजार 500 रुपए चोरी हुए हैं.

एटीएम के सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी: सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर सामने आया है कि कुछ युवक मशीन की ट्रे में रुपए डालने के बाद नीचे से चाभी लगा कर रुपए निकाल रहे हैं. मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुटी. फुटेज में एक युवक की पहचान हिताची कंपनी में ही काम करने वाले बिठूर के मकसूदाबाद निवासी दीपक जायसवाल के रूप में हुई. पुलिस ने उसे उठाया तो पूरा गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.

कई लोगों के एकत्र किए थे 15 एटीएम कार्ड: दीपक से पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि वह सीओडी कॉलोनी कोयला नगर निवासी सुधांशु जैसवार और देवकी नगर यशोदा नगर निवासी विपिन दीक्षित के साथ जालसाजी करता था. बताया कि कंपनी में कस्टोडियन के पद पर होने के चलते उसकी बैंकों के एटीएम में कैश भरने की जिम्मेदारी थी. एटीएम खोलने की चाभी उसके पास रहती थी. इसी के चलते उसने सीएमआर मशीनों को निशाना बनाया. उसने कई लोगों के 15 एटीएम इकट्ठे किए.

चाभी लगाकर बीच की ट्रे से निकाल लेते थे रुपए: मशीन के माध्यम से जैसे ही रुपए डालता था, तो खाते में रकम क्रेडिट होने का मोबाइल पर मैसेज आ जाता। रुपए जब तक एटीएम में लगी सबसे नीचे की ट्रे में जाते उससे पहले वह चाबी लगा कर बीच वाली ट्रे से रुपए निकाल लेता. इस तरह उसने कई एटीएम से करोड़ों रुपए निकाले.

रिटायर्ड सैन्यकर्मी के तीन बेटे मास्टरमाइंड: दीपक जायसवाल ने बताया कि वह हिताची कंपनी में काम करने से पहले एटीएम में कैश जमा करने वाली कंपनी सीएमएस में काम करता था. वहीं पर कोयला नगर निवासी रिटायर्ड सैन्य कर्मी के बेटे अंकित त्रिपाठी और मनीष त्रिपाठी, आशीष त्रिपाठी भी टेक्निकल डिपार्टमेंट में काम करते थे.

अंकित और मनीष ने रुपए जमा करने वाली मशीन से जालसाजी कर रकम उड़ाने का पूरा प्लान बताया. इस दौरान शहर के तमाम एटीएम से रुपए निकाले गए। एटीएम में चाभी निकाल कर ट्रे हटाने का काम मास्टमाइंड भाई ही करते थे. अंकित ने अपनी कार भी आरोपियों को दी थी. दीपक के पकड़े जाने के बाद तीनों फरार हो गए.

बैंक को होता था दोगुना नुकसान: आरोपी कैश मशीन में डालने के बाद चाभी लगा कर रुपए तो निकाल ही लेते थे,जबकि बैंक से क्रेडिट का मैसेज आने पर निकाली गई रकम भी खाते में आ जाती थी. इससे बैंक को दोगुना नुकसान होता था. एक दिन में एक एटीएम करीब 20 बार प्रयोग किया जाता था.

पत्नियों को भी आरोपी बनाएगी पुलिस: डीसीपी ने बताया कि आरोपी भाइयों ने बैंक की हड़पी गई रकम अपनी पत्नी के खातों में भी ट्रांसफर की है, जिसके पुलिस को सबूत मिले हैं. उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा. इसके अलावा 15 अन्य कार्ड धारकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. बैंक के मुंबई स्थित हेड क्वार्टर से संपर्क किया गया है. ये वही एटीएम कार्ड हैं जिनके जरिए जालसाजी की गई है. इन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा.

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