कानपुर में ट्रेनिंग के पहले दिन ही अव्यवस्था उजागर, नाले के पास खाना खाती दिखीं महिला सिपाही

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UP पुलिस में हाल ही में भर्ती हुईं महिला कॉन्स्टेबलों की कानपुर में ट्रेनिंग हो रही है. यहां पहले ही दिन अव्यवस्थाएं दिखीं. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में महिला कॉन्स्टेबलों को नाले के किनारे और फुटपाथ पर बैठकर खाना खाते देखा गया, जिससे पुलिस विभाग की तैयारियों और बेसिक सुविधाओं की भारी कमी उजागर हो गई.

आज 20 जून से पुलिस लाइन में इन नए सिपाहियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया जिसमें उपरोक्त जानकारियां दी जा रही हैं. यह पूरी ट्रेनिंग JTC (जॉइनिंग ट्रेनिंग सेंटर) के तहत हो रही है, जो नए सिपाहियों के लिए प्रारंभिक प्रशिक्षण का हिस्सा है. इसमें उन्हें अनुशासन, कानून, शारीरिक प्रशिक्षण, परेड, अपराध जांच की प्रक्रिया और नैतिक पुलिसिंग जैसी बुनियादी बातें सिखाई जाती हैं. एक महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन सभी कॉन्स्टेबलों को RTC (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) भेजा जाएगा, जहां इनकी फाइनल ट्रेनिंग होगी. सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो और वीडियो ने जहां पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.

हालात यह रहे कि खाने के लिए उचित जगह और व्यवस्था नहीं होने के कारण महिला कॉन्स्टेबलों को खुले में बैठकर भोजन करना पड़ा. खाने के पैकेट एक बैंक द्वारा बांटे गए, लेकिन उनके वितरण के समय बेसिक इंतजामों की भारी कमी देखने को मिली. शौचालयों की कमी, आवासीय अव्यवस्था और बैठने की जगह न होना जैसी समस्याओं के चलते यह मामला चर्चा में आ गया. पुलिस लाइन में करीब 700 कॉन्स्टेबलों को ठहराया गया है, लेकिन वहां केवल 4 टॉयलेट हैं, जिससे महिला सिपाहियों को काफी परेशानी हो रही है.

नए सिपाहियों को आचार संहिता का पाठ पढ़ाने के साथ ही सैल्यूट करना सिखाया जाएगा. उन्हें बताया जाएगा कि ड्यूटी के दौरान उन्हें किस तरह से रहना है. पुलिस अधिकारियों के आने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए.

ये सिपाही बिठूर क्षेत्र, पुलिस लाइन, ट्रैफिक पुलिस लाइन, बिल्हौर, आईटीबीपी सेंटर में ठहराये गये है. कुछ महिला कॉन्स्टेबलों को ट्रैफिक लाइन और बिठूर स्थित फायर ब्रिगेड की नई बिल्डिंग में ठहराया गया है, जबकि कुछ को आईटीबीपी कैंप में भी रखा गया है. प्रशासन की ओर से अब व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू की गई है. पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के स्टाफ अफसर राजेश पांडेय ने बताया कि पहले दिन बैंक वाले खाते खोलने आए थे और उन्होंने ही खाना बांटा था. कुछ अव्यवस्था जरूर थी, लेकिन अब हालात सुधार दिए गए हैं.

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