पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में CMO की कुर्सी को लेकर चल रहा हाईप्रोफाइल ड्रामा दूसरे दिन भी जारी है. गुरुवार सुबह 9.30 बजे पूर्व CMO हरिदत्त नेमी ऑफिस पहुंच गए. वह सीधे अपने कमरे में गए. वहां CMO की कुर्सी पर बैठ गए.
हरिदत्त नेमी के पहुंचने से ठीक दो मिनट पहले ही एक कर्मचारी ने CMO के कमरे का ताला खोला. चाय-पानी पीने के बाद डॉ. हरिदत्त नेमी ने कर्मचारियों को मीटिंग के लिए कमरे में बुलाया. इससे पहले, उन्होंने कमरे के बाहर अपनी नेमप्लेट दोबारा लगवाई. इधर, नए सीएमओ डॉ. उदयनाथ नाथ सीएमओ ऑफिस नहीं पहुंचे. कर्मचारियों ने बताया कि वह घर से ही सीधे निरीक्षण पर निकल गए हैं. खास बात यह है कि सीएमओ ऑफिस में चल रहे इस ड्रामे पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सरकार ने अभी तक चुप्पी साध रखी है.

दरअसल, कानपुर के CMO हरिदत्त नेमी का डीएम से विवाद हो गया था. इसके बाद डीएम की संस्तुति पर शासन ने 19 जून को उनको सस्पेंड कर दिया था। शासन ने उनकी जगह श्रावस्ती के ACMO डॉ. उदयनाथ को कानपुर का नया सीएमओ बनाया था.
इधर, नए सीएमओ ने आकर जॉइन कर लिया. वहीं, सस्पेंड होने के आदेश के खिलाफ हरिदत्त नेमी हाईकोर्ट चले गए. वहां से स्टे ऑर्डर ले गए. स्टे मिलने के बाद वह बुधवार को सीधे सीएमओ ऑफिस पहुंच गए. वहां कुसी पर बैठ गए। जब नए सीएमओ ने उन्हें कुर्सी पर बैठा देखा तो कहा कि उठिए यहां से. इसके बाद दोनों में हल्की बहस हुई लेकिन, डॉ. नेमी कुर्सी से नहीं हटे. उन्होंने कमरे के बाहर अपनी नेमप्लेट भी लगवा दी थी. विवाद के बीच आखिरकार उदयनाथ ऑफिस से उठकर चले गए.
मीडिया ने पूछा- आप कहां जा रहे हैं? डॉ. उदयनाथ ने जवाब दिया- मैं फील्ड में निरीक्षण के लिए जा रहा. इस दौरान सीएमओ की कुर्सी पर डॉ. नेमी डटे रहे। शाम करीब 4 बजे उन्होंने कमरे के बाहर लगी हुई डॉ. उदयनाथ की नेम प्लेट भी उखड़वा दी. कहा- मेरे पास जिम्मेदारी है, ऑफिस बंद होने तक डॉ. उदयनाथ ऑफिस लौटकर नहीं आए.
सरकार और शासन क्यों चुप? सूत्रों ने बताया कि डॉ. नेमी को सस्पेंड किया गया था। हालांकि, वह सस्पेंशन के खिलाफ कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले गए हैं. ऐसे में मामला कानूनी पेंच में फंस गया है. सरकार अब लीगल एक्सपर्ट से राय ले रही है. इसके बाद ही इस मामले में फैसला करेगी.
















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